Iran News: ईरान ने साफ किया अपना रुख, राष्ट्रीय हितों पर कोई समझौता नहीं, Strait of Hormuz पर रहेगा पूरा कंट्रोल

ईरान की सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल (SNSC) ने साफ कर दिया है कि वह अपने राष्ट्रीय हितों के साथ कोई समझौता नहीं करेगी। अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे तनाव के बीच Strait of Hormuz (हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य) पर कंट्रोल रखने की बात कही गई है। पाकिस्तान की मदद से बातचीत की कोशिश तो हुई, लेकिन मामला अभी तक पूरी तरह सुलझ नहीं पाया है।

बातचीत क्यों रही नाकाम और अब क्या स्थिति है?

पाकिस्तान की मध्यस्थता में अमेरिका के साथ बातचीत की गई थी, लेकिन दूसरी तरफ से कुछ अतिरिक्त मांगें रख दी गईं जिन्हें ईरान ने मानने से इनकार कर दिया। इसी वजह से बातचीत रुक गई है। हालांकि, पाकिस्तान के जरिए कुछ नए प्रस्ताव मिले हैं जिन पर अभी ईरान विचार कर रहा है। SNSC का कहना है कि जब तक सामने वाला पक्ष जमीनी हकीकत के हिसाब से अपनी बात नहीं बदलता, तब तक बातचीत आगे बढ़ाना मुश्किल होगा। ईरान ने यह भी साफ किया कि वह अपने लोगों के अधिकारों और बलिदानों की रक्षा करेगा।

Strait of Hormuz से जहाजों के गुजरने के क्या नियम हैं?

इस मुद्दे पर ईरान के बड़े अधिकारियों के बयानों से कुछ उलझन पैदा हुई है। विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने कहा कि कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह खुला रहेगा। वहीं, संसद अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने स्पष्ट किया कि केवल गैर-सैन्य जहाज ही गुजर सकेंगे और उन्हें ईरान द्वारा तय किए गए रास्ते का पालन करना होगा। कुछ सूत्रों के मुताबिक, जहाजों का सामान किसी दुश्मन देश से नहीं जुड़ा होना चाहिए और उनकी आवाजाही का तालमेल ईरानी सेना के साथ करना होगा।

मुख्य विवरण और आधिकारिक बयान

इस पूरे मामले से जुड़ी अहम जानकारियां नीचे दी गई टेबल में देखी जा सकती हैं:

संस्था/व्यक्ति मुख्य बात/बयान
SNSC (ईरान) राष्ट्रीय हितों पर कोई समझौता नहीं, Strait of Hormuz पर सख्त निगरानी रहेगी।
पाकिस्तान ईरान और अमेरिका के बीच मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभाई।
Abbas Araghchi कमर्शियल जहाजों के लिए रास्ता पूरी तरह फ्री रहने का ऐलान किया।
Mohammad Bagher Ghalibaf केवल गैर-सैन्य जहाजों को ईरान के तय रूट पर जाने की अनुमति होगी।
इसराइल लेबनान में सीजफायर (युद्धविराम) का उल्लंघन किया।
Khatam al-Anbiya अमेरिकी नौसेना की नाकाबंदी के कारण Strait पर कंट्रोल बढ़ाने की बात कही।
ईरान सरकार जहाजों से सुरक्षा और पर्यावरण सेवाओं के लिए फीस मांगने का अधिकार रखा है।