ईरान ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुज़रने वाले व्यापारिक जहाजों के लिए एक नया नियम घोषित किया है। भारत में ईरान के राजदूत डॉ. मोहम्मद फथाली और ईरानी अधिकारियों के अनुसार, इस समुद्री मार्ग से गुज़रने वाले जहाजों को अब नेविगेशन, सुरक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं के लिए शुल्क देना होगा। ईरान का दावा है कि यह इलाका उसके और ओमान के क्षेत्रीय जल क्षेत्र का हिस्सा है, इसलिए दशकों से दी जा रही मुफ्त सेवाएं अब बंद कर दी जाएंगी।

ईरान ने मुफ्त सेवाओं को किया बंद, अब देना होगा शुल्क

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने स्पष्ट किया है कि ईरान कोई टोल या टैक्स नहीं ले रहा है, बल्कि समुद्री सुरक्षा, नेविगेशन सेवाओं और पर्यावरण सुरक्षा के लिए शुल्क वसूल रहा है। 18 मई 2026 को ईरान ने इस जलडमरूमध्य की निगरानी के लिए एक आधिकारिक सरकारी एजेंसी भी बनाई है। ईरान के अधिकारियों का कहना है कि यह मार्ग पूरी तरह से ईरान और ओमान के नियंत्रण में आता है, इसलिए इसका प्रबंधन इन दोनों देशों की जिम्मेदारी है।

अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात ने किया कड़ा विरोध

इस फैसले पर अमेरिका और संयुक्त अरब अमीरात (UAE) समेत कई देशों ने कड़ी आपत्ति जताई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने कहा है कि यह मार्ग अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र का हिस्सा है और इसे हमेशा के लिए मुफ़्त रखा जाना चाहिए। इसके साथ ही अमेरिका ने दुनिया भर की शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि ईरान को भुगतान करने पर उन पर कड़े प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। संयुक्त अरब अमीरात ने भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों को इस तरह के दबाव में नहीं लाया जाना चाहिए।

ओमान और ईरान के बीच बातचीत जारी

ओमान ऐतिहासिक रूप से इस मार्ग में मुफ्त यातायात योजना का प्रबंधन करता रहा है। ईरान के फ्रांस में राजदूत मोहम्मद अमीन नेजाद ने पुष्टि की है कि भुगतान व्यवस्था को लेकर ओमान के साथ लगातार बातचीत चल रही है। मई 2026 में दोनों देशों के प्रतिनिधियों के बीच मस्कट में इस मुद्दे पर विशेष बैठक भी हुई थी, जिसमें राजस्व साझा करने के विकल्पों पर चर्चा की गई है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या ईरान हॉर्मुज़ से गुजरने वाले जहाजों से कोई टैक्स वसूल रहा है?

ईरान के अनुसार, वह जहाजों से टैक्स या टोल नहीं ले रहा है, बल्कि वहां दी जाने वाली सुरक्षा और नेविगेशन सेवाओं के लिए शुल्क ले रहा है।

इस नए नियम पर अमेरिका का क्या रुख है?

अमेरिका ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है और शिपिंग कंपनियों को चेतावनी दी है कि ईरान को भुगतान करने पर उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.