ईरान की IRNA न्यूज एजेंसी और Persian Gulf Maritime Authority ने 12 जुलाई 2026 से होर्मुज जलडमरूमध्य में नेविगेशन को पूरी तरह रोकने का ऐलान किया है। ईरान की Revolutionary Guards Navy का कहना है कि यह कदम अमेरिकी दखलंदाजी और समुद्री नियमों के उल्लंघन के विरोध में उठाया गया है। ईरान के सैन्य प्रवक्ता मोहम्मद अकरमिरिया ने बताया कि यह पाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक अमेरिका अपना हस्तक्षेप बंद नहीं करता है।
अमेरिका और ईरान के दावे आमने-सामने
ईरान के इस दावे को अमेरिका के CENTCOM ने सिरे से खारिज कर दिया है। अमेरिकी सेना का स्पष्ट कहना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान का नियंत्रण नहीं है और वहां समुद्री ट्रैफिक सुचारू रूप से चल रहा है। अमेरिका ने भरोसा दिलाया है कि वे कमर्शियल जहाजों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह तैयार हैं और वैकल्पिक समुद्री मार्ग खुले हुए हैं। यह तनाव ऐसे समय पर बढ़ा है जब अमेरिका ने पिछले 3 दिनों में ईरान के 300 से ज्यादा सैन्य ठिकानों पर स्ट्राइक की है, जिसके जवाब में ईरान ने यूएई, कतर, ओमान और बहरीन जैसे देशों में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन और मिसाइल हमले किए हैं।
प्रवासियों और व्यापार पर असर
इस तनाव के कारण समुद्री सुरक्षा का खतरा ‘गंभीर’ स्तर पर बना हुआ है, जिसके चलते इंश्योरेंस कंपनियों ने war-risk premiums बढ़ा दिए हैं। कतर ने शिपिंग कंपनियों को कामकाज रोकने की सलाह दी है। ओमान के पास एक कमर्शियल जहाज GFS Galaxy पर हमले की घटना भी सामने आई है, जिसमें 10 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बचा लिया गया है और 1 व्यक्ति लापता है। भारत ने इस घटना पर चिंता जताते हुए समुद्र में आवाजाही को बिना किसी बाधा के जारी रखने की मांग की है। समुद्री रास्तों में हो रहे इन हमलों और पाबंदियों के कारण अब शांति वार्ता की कोशिशें और भी मुश्किल हो गई हैं।
