Strait of Hormuz में ईरान का बड़ा कदम, नए नियमों के साथ जहाजों पर लगेगा ट्रांजिट फीस और बैन.

Praggya Singh sabal23 August 20264 min read45 viewsEnglish
Strait of Hormuz में ईरान का बड़ा कदम, नए नियमों के साथ जहाजों पर लगेगा ट्रांजिट फीस और बैन.

फारस की खाड़ी में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है और अब ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों के लिए बेहद सख्त नए नियम और ट्रांजिट फीस लागू कर दी है। ईरान के पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी यानी PGSA Iran ने 23 अगस्त 2026 को यह ऐलान किया कि जो भी कमर्शियल जहाज इन नए नियमों को नहीं मानेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ऐसे जहाजों पर भारी जुर्माना लगाया जा सकता है, उन्हें हिरासत में लिया जा सकता है या फिर पूरी तरह जब्त भी किया जा सकता है। इस पूरी सख्ती के बाद से खाड़ी देशों में काम करने वाले और यात्रा करने वाले लोगों के बीच चिंता का माहौल बन गया है, क्योंकि इसका सीधा असर समुद्री व्यापार और तेल की सप्लाई पर पड़ रहा है।

जहाजों के लिए जारी हुई 43 नामों की लिस्ट और कड़े प्रोटोकॉल

प्राधिकरण ने प्रतिबंधित जहाजों की एक सूची जारी की है जिसमें कुल 43 सैंक्शन किए गए जहाज शामिल हैं। अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जो भी कंपनियां या लोग इन जहाजों के साथ किसी भी तरह का व्यापार या सहयोग करेंगे, उनके ऊपर भी कड़े प्रतिबंध लगाए जाएंगे। सभी सामान मालिकों को सलाह दी गई है कि वे इस रूट का इस्तेमाल करने से पहले इस लिस्ट को अच्छी तरह जांच लें। नए प्रोटोकॉल के मुताबिक, अब सभी कमर्शियल जहाजों को केवल तय किए गए रास्तों से ही गुजरना होगा, जो कि खासतौर पर Larak Island के पास बनाए गए हैं। इसके अलावा जहाजों को सफर शुरू करने से कम से कम 48 घंटे पहले अपनी अनुमति के लिए रिक्वेस्ट भेजनी होगी।

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आवेदन करते समय जहाजों को 40 से ज्यादा कैटेगरी की जानकारियां देनी होंगी। इनमें सामान यानी कार्गो की पूरी डिटेल, क्रू मेंबर की नेशनलिटी, जहाज का मालिकाना हक और अधिकृत बीमा का प्रूफ शामिल है। इन सभी जानकारियों को भेजने के लिए PGSA.ir वेबसाइट या फिर [email protected] ईमेल का इस्तेमाल करना होगा। अथॉरिटी का यह साफ कहना है कि अगर कोई भी जहाज तय रूट से हटता है, तो उसे नियमों का उल्लंघन माना जाएगा और उसके खिलाफ तुरंत एक्शन लिया जाएगा।

ईरान की संसद का नया बिल और फीस वसूली

इसी बीच ईरान के संसदीय नेशनल सिक्योरिटी और फॉरेन पॉलिसी कमीशन ने 'स्ट्रैटेजिक एक्शन फॉर सिक्योरिंग एंड एडवांस्ड द स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' बिल के एक प्रावधान को मंजूरी दे दी है। इस कानून के तहत अब नेविगेशन, पर्यावरण सुरक्षा, ईंधन सप्लाई और बीमा से जुड़ी सेवाओं के लिए फीस वसूली जाएगी, जिसे ईरानी रियाल या अन्य तय मुद्राओं में चुकाना होगा। हालांकि यह बिल अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत नेविगेशन की आजादी को मानता है, लेकिन साथ ही इस क्षेत्र पर ईरान की पूरी संप्रभुता पर भी जोर देता है। इससे पहले जून 2026 में सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल ने इन खर्चों को कवर करने के लिए 60 दिन की अवधि तय की थी।

अंतरराष्ट्रीय राजनीति और सुरक्षा पर बड़ा असर

दूसरी तरफ अमेरिका की तरफ से ईरान पर नए और सख्त आर्थिक प्रतिबंध लगाने की तैयारी चल रही है, जिससे राजनीतिक तनाव अपनी चरम सीमा पर है। सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के सचिव Mohsen Rezaei ने 23 अगस्त को चेतावनी दी कि जो भी देश अमेरिका के नेतृत्व वाले आर्थिक दबाव का समर्थन करेंगे, उन्हें दुश्मन माना जाएगा। उन्होंने यह भी साफ किया कि अगर प्रतिबंध दोबारा शुरू हुए, तो खाड़ी से एक भी बूंद तेल बाहर नहीं जाने दिया जाएगा। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी दबाव के असर को स्वीकार करते हुए कूटनीतिक प्रयासों का समर्थन किया, जबकि विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baghaei ने अमेरिकी प्रतिबंधों की वैधता को पूरी तरह खारिज कर दिया।

इस बीच कूटनीतिक हलचल भी तेज हो गई है। पाकिस्तान के सेना प्रमुख फील्ड मार्शल Asim Munir तेहरान का दौरा करने वाले हैं, जहां वे होर्मुज जलडमरूमध्य और क्षेत्रीय सुरक्षा पर बातचीत करेंगे। वहीं सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस Mohammed bin Salman और फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron वैकल्पिक पाइपलाइन और समुद्री रास्तों पर चर्चा करने की योजना बना रहे हैं। इन सबके बीच इराकी राष्ट्रपति Nizar Amidi ने यह पुष्टि की है कि ईरान ने कुछ चुनिंदा इराकी तेल टैंकरों को वहां से गुजरने की अनुमति दे दी है। समुद्री ट्रैकिंग डेटा के मुताबिक 23 अगस्त को कुछ चीनी झंडे वाले जहाज ईरानी सीमा की तरफ से गुजरते हुए देखे गए, जबकि यूकेएमटीओ ने ओमान के पास एक कार्गो जहाज पर संदिग्ध हमले की रिपोर्ट दी है, जिसे अमेरिकी अधिकारियों ने ईरानी बलों की हरकत बताया है। वहीं कुछ रिपोर्ट्स में यह भी सामने आया है कि वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करने या ट्रैकिंग बंद करने की वजह से ट्रैफिक में अचानक बड़ा बदलाव आया है, जबकि अन्य रिपोर्ट्स बताती हैं कि यह जलमार्ग अभी भी काफी हद तक प्रतिबंधित है और दैनिक आवाजाही बहुत कम रह गई है।

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