ईरान ने समुद्री व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण Strait of Hormuz के लिए नए और सख्त नियम लागू कर दिए हैं। इसके लिए ईरान ने Persian Gulf Strait Authority (PGSA) नाम की एक नई संस्था बनाई है, जो अब इस इलाके में आने-जाने वाले सभी जहाजों की निगरानी करेगी। अब किसी भी जहाज को इस रास्ते से गुजरने के लिए पहले से अनुमति लेनी होगी, वरना उन्हें कानूनी मुश्किलों या सैन्य कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
Strait of Hormuz में एंट्री के लिए क्या हैं नए नियम
ईरान ने एक ‘कंट्रोल्ड मैरीटाइम जोन’ तय किया है। इसकी सीमा पूर्व में ईरान के Kuh Mobarak और UAE के South Fujairah से लेकर, पश्चिम में ईरान के Qeshm Island और UAE के Umm al-Qaiwain तक फैली हुई है। इस दायरे में आने वाले सभी जहाजों को PGSA से समन्वय करना होगा और परमिट लेना होगा।
- परमिट फॉर्म: जहाजों को 42 सवालों वाला एक लंबा फॉर्म भरना होगा, जिसमें जहाज का नाम, IMO नंबर, कार्गो का वजन, उसकी कीमत और चालक दल की नागरिकता जैसी जानकारी देनी होगी।
- सुरक्षित रास्ता: Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने साफ कहा है कि केवल उनके द्वारा बताए गए रास्ते पर चलना ही सुरक्षित है। रास्ते से भटकने वाले जहाजों पर सैन्य कार्रवाई हो सकती है।
- पाबंदी: ईरान के नेशनल सिक्योरिटी कमेटी के चेयरमैन Ebrahim Azizi ने बताया कि यह व्यवस्था केवल व्यापारिक जहाजों के लिए है और अमेरिका के ‘फ्रीडम प्रोजेक्ट’ से जुड़े ऑपरेटरों के लिए यह रास्ता बंद रहेगा।
परमिट की फीस और अमेरिका की चेतावनी
इस नए सिस्टम में जहाजों को भारी फीस देनी पड़ रही है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक, ट्रांजिट फीस बहुत ज्यादा है और इसका भुगतान चीनी युआन में किया जा रहा है। दूसरी ओर, अमेरिका ने इस पर कड़ी आपत्ति जताई है। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की घेराबंदी कर रखी है और चेतावनी दी है कि जो भी ईरान को पैसे देगा, उस पर अमेरिकी प्रतिबंध (sanctions) लग सकते हैं।
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| संस्था का नाम | Persian Gulf Strait Authority (PGSA) |
| स्थापना तिथि | 5 मई 2026 |
| परमिट फॉर्म में सवाल | 42 आइटम |
| अनुमोदन में देरी | एक हफ्ते तक हो सकती है |
| फीस की रेंज | 1.5 लाख डॉलर से 20 लाख डॉलर तक |
| भुगतान की मुद्रा | चीनी युआन (Chinese Yuan) |
| अतिरिक्त दस्तावेज | अमेरिका या इसराइल से संबंध न होने का प्रमाण |
हाल की बड़ी घटनाएं और प्रभाव
20 मई 2026 को एक दक्षिण कोरियाई तेल टैंकर ने ईरान के साथ तालमेल बिठाकर इस रास्ते को पार किया। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी मरीन ने Gulf of Oman में M/T Celestial Sea नाम के ईरानी तेल टैंकर को रोका और उसे दूसरी दिशा में मोड़ दिया क्योंकि उस पर अमेरिकी नाकाबंदी का उल्लंघन करने का शक था। संयुक्त राष्ट्र (UN) के प्रवक्ता Farhan Haq ने कहा है कि समुद्र में जहाजों की आवाजाही की आजादी बनी रहनी चाहिए और वे किसी भी तरह की पाबंदी का समर्थन नहीं करते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
PGSA क्या है और इसका काम क्या है?
PGSA का पूरा नाम Persian Gulf Strait Authority है। यह ईरान की एक कानूनी संस्था है जिसे Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों के ट्रांजिट को मैनेज और रेगुलेट करने की जिम्मेदारी दी गई है।
क्या सभी जहाजों को इस रास्ते से जाने की अनुमति मिलेगी?
नहीं, ईरान ने स्पष्ट किया है कि केवल वे व्यापारिक जहाज और पार्टियां ही इसका लाभ उठा सकेंगी जो ईरान के साथ सहयोग करेंगे। अमेरिका और इसराइल से जुड़े जहाजों के लिए यह रास्ता मुश्किल होगा।
