ईरान ने Strait of Hormuz के कामकाज को लेकर एक बड़ा ऐलान किया है। ईरान के संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने साफ़ कहा कि यह समुद्री रास्ता अब युद्ध से पहले वाली स्थिति में वापस नहीं लौटेगा। ईरान अब इस रणनीतिक रास्ते को अपने खुद के तय किए गए इंतजामों के तहत चलाने की तैयारी कर रहा है।

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ईरान के संसद स्पीकर ने बताया कि देश इस समुद्री रास्ते पर अपना कंट्रोल बढ़ाएगा, लेकिन अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का पालन करना जारी रखेगा। इस नए सिस्टम के तहत ईरान अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों से ‘सर्विस फीस’ वसूलेगा। ईरान सरकार का कहना है कि वह इसे टोल नहीं बल्कि सेवाओं के लिए लिया गया शुल्क मानती है, जो ईरानी कानून के तहत उनका अधिकार है।

जहाजों की आवाजाही को कंट्रोल करने और उसकी निगरानी करने के लिए ईरान ने Persian Gulf Strait Authority (PGSA) नाम की एक नई संस्था बनाई है। अब सभी कमर्शियल जहाजों को इसके साथ तालमेल बिठाना होगा। डिप्टी विदेश मंत्री Kazem Gharibabadi ने 1 जून 2026 को जानकारी दी थी कि युद्ध जैसी स्थितियों के लिए नए नियम बनाए गए हैं और इसमें किसी भी बाहरी दखल की अनुमति नहीं दी जाएगी। इस मामले पर ओमान के साथ भी बातचीत चल रही है।

हाल ही में 22 जून 2026 को Mohammad Bagher Ghalibaf ओमान पहुंचे थे ताकि रास्ते के नए इंतजामों पर चर्चा की जा सके। इससे पहले स्विट्जरलैंड में अमेरिका के साथ 18 घंटे तक बातचीत हुई थी। इस मीटिंग में दोनों देश इस बात पर राजी हुए कि किसी भी तरह की गलतफहमी या हादसे को रोकने के लिए बातचीत का एक सीधा रास्ता खोला जाएगा ताकि कमर्शियल जहाजों का सफर सुरक्षित रहे। साथ ही लेबनान के साथ भी एक ‘डी-कॉन्फ्लिक्शन सेल’ बनाया गया है ताकि वहां युद्धविराम बना रहे।

वर्तमान में Strait of Hormuz की स्थिति काफी जटिल है। उत्तरी रास्ता, जो ईरान के इलाके में आता है, माइन्स की वजह से बंद है। हालांकि PGSA ने परमिट सिस्टम शुरू किया है, लेकिन भारी इंश्योरेंस खर्च और IRGC के कंट्रोल के कारण इसका इस्तेमाल नहीं हो पा रहा है। वहीं दक्षिणी रास्ता ओमान के इलाके से जा रहा है, जहाँ अमेरिका की नेवी समन्वय कर रही है। ईरान इस रास्ते की वैधता को पूरी तरह नहीं मानता है।

U.S. Central Command (CENTCOM) ने रिपोर्ट दी है कि 20 जून 2026 को कमर्शियल जहाजों की संख्या बढ़ी और करीब 55 जहाजों ने यहाँ से सफर किया। अमेरिका का दावा है कि यह रास्ता खुला है। दूसरी तरफ, International Maritime Organization (IMO) ने ईरान के उस प्रयास को खारिज कर दिया है जिसमें सभी जहाजों के लिए ईरान से मंजूर इंश्योरेंस पॉलिसी अनिवार्य करने की कोशिश की गई थी।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com