ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, Strait of Hormuz के लिए नए और कड़े नियम लागू कर दिए हैं। अब यहाँ से गुजरने वाले जहाजों को ईरान की इजाजत लेनी होगी और टोल टैक्स भी देना होगा। इस फैसले से पूरी दुनिया में तेल की कीमतों पर असर पड़ा है और खाड़ी देशों में तनाव काफी बढ़ गया है।

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ईरान के नए नियम क्या हैं और जहाजों पर क्या असर होगा?

ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने एक संदेश में कहा कि Strait of Hormuz के लिए अब एक नया अध्याय शुरू हो गया है। नए नियमों के मुताबिक, अब सभी कमर्शियल जहाजों को IRGC (Islamic Revolutionary Guard Corps) नेवी से मंजूरी लेनी होगी। साथ ही, उन्हें तय रास्तों से गुजरने के लिए टोल देना होगा।

  • मंजूरी जरूरी: किसी भी जहाज को बिना IRGC की अनुमति के रास्ता नहीं मिलेगा।
  • टोल टैक्स: जहाजों को तय किए गए रूट का इस्तेमाल करने के लिए भुगतान करना होगा।
  • प्रतिबंध: अमेरिका, इसराइल और उनके सहयोगियों से जुड़े जहाजों के आने-जाने पर रोक लगा दी गई है।
  • गैर-दुश्मन जहाज: जो जहाज किसी विवाद में नहीं हैं, वे सुरक्षा नियमों का पालन करके गुजर सकते हैं।

दुनिया और अर्थव्यवस्था पर इसका क्या असर पड़ा?

ईरान के इस कदम से ग्लोबल मार्केट में हड़कंप मच गया है। अमेरिका और इसराइल ने इस फैसले का कड़ा विरोध किया है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने कहा कि अमेरिका इस बात को बर्दाश्त नहीं करेगा कि ईरान तय करे कि अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग का इस्तेमाल कौन करेगा।

इस तनाव का सीधा असर आम लोगों की जेब पर पड़ रहा है। 30 अप्रैल 2026 तक Brent crude तेल की कीमत 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गई है। वहीं, Strait of Hormuz में रिस्क बढ़ने की वजह से अब बहुत सारे जहाज अपना रास्ता बदलकर Panama Canal का इस्तेमाल कर रहे हैं, जिससे वहाँ ट्रैफिक काफी बढ़ गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

क्या Strait of Hormuz पूरी तरह बंद हो गया है?

नहीं, ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह रास्ता बंद नहीं है। केवल अमेरिका, इसराइल और उनके सहयोगियों के जहाजों को रोका जा रहा है, जबकि अन्य जहाज नियमों का पालन कर गुजर सकते हैं।

ईरान के नए नियमों से तेल की कीमतों पर क्या असर हुआ?

समुद्री मार्ग पर तनाव बढ़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में तेल की कीमतें बढ़ गईं और Brent crude का भाव 126 डॉलर प्रति बैरल तक पहुँच गया।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.