ईरान ने होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों के लिए एक नया और सख्त नियम लागू किया है। अब किसी भी जहाज को इस रास्ते से गुजरने के लिए कम से कम 48 घंटे पहले ईरानी अधिकारियों से इजाजत लेनी होगी। यह बड़ा फैसला अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते के बाद लिया गया है ताकि समुद्र में तनाव को कम किया जा सके और जहाजों की आवाजाही सुरक्षित रहे।

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क्या है नया नियम और इसकी शर्तें

ईरान की Persian Gulf Strait Authority (PGSA) ने साफ किया है कि अब जहाजों को अपनी यात्रा शुरू करने से पहले लिखित अनुरोध भेजना होगा। यह व्यवस्था 60 दिनों के एक अस्थाई समझौते के तहत लागू की गई है। इस दौरान ईरान ने कुछ बड़ी राहतें भी दी हैं:

  • अगले 60 दिनों तक जहाजों को सुरक्षा, पर्यावरण और बीमा से जुड़ी कोई फीस नहीं देनी होगी।
  • जहाजों को अपने रूट और समय की जानकारी पहले से देनी होगी ताकि वे सुरक्षित रास्ते से जा सकें।
  • यह कदम इसलिए उठाया गया है क्योंकि समुद्र के कुछ हिस्सों में अब भी माइन्स (बारूदी सुरंगें) होने का खतरा है।

अमेरिका और ईरान के बीच हुआ समझौता

यह नया नियम जून 2026 के बीच अमेरिका और ईरान के बीच हुए एक समझौते (MOU) का हिस्सा है। इस समझौते के बाद अमेरिका की Central Command (CENTCOM) ने 18 जून को ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा ली थी। अब ईरान ने अपनी व्यवस्था को ‘खुली आवाजाही’ से बदलकर ‘कंट्रोल और निगरानी’ वाले सिस्टम में बदल दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय ने बताया कि इस नए फ्रेमवर्क को तैयार करने में ओमान की भी मदद ली गई है।

किन देशों को मिलेगी प्राथमिकता

ईरान ने यह भी साफ किया है कि जो देश उसके दोस्त हैं या जिनके साथ उसके हित जुड़े हैं, उन्हें ट्रांजिट लाइसेंस देने में प्राथमिकता मिलेगी। हालांकि, ईरान ने कड़े शब्दों में कहा है कि वह ‘दुश्मन’ देशों के जहाजों को अनुमति नहीं देगा।

अन्य देशों का रुख और मौजूदा स्थिति

सऊदी अरब के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका और ईरान के बीच हुए इस समझौते का स्वागत किया है। सऊदी अरब चाहता है कि इस समुद्री रास्ते पर सुरक्षा और जहाजों की आजादी वैसी ही हो जाए जैसी 28 फरवरी से पहले थी। इस समझौते में पाकिस्तान और कतर ने मध्यस्थ की भूमिका निभाई थी।

ताजा अपडेट के मुताबिक, 18 जून को करीब 25 कमर्शियल जहाजों ने इस रास्ते का इस्तेमाल किया, जो अप्रैल के बाद सबसे ज्यादा है। Joint Maritime Information Centre (JMIC) ने भी अब इस इलाके में खतरे के स्तर को ‘substantial’ से घटाकर ‘moderate’ कर दिया है। समुद्री कंपनियों को सलाह दी गई है कि वे सावधानी बरतें क्योंकि अभी भी माइन्स को हटाने का काम चल रहा है।