ईरान ने सामरिक रूप से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में एक नया और सुरक्षित शिपिंग कॉरिडोर शुरू किया है। अल जजीरा की रिपोर्ट के अनुसार, अब चुनिंदा जहाजों को ईरानी तट के पास से गुजरने की अनुमति दी जा रही है। इस नए रास्ते की निगरानी सीधे तौर पर ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) कर रही है। इससे पहले संघर्ष की वजह से यह समुद्री रास्ता लगभग बंद था, जिससे वैश्विक व्यापार पर काफी बुरा असर पड़ा था।

जहाजों के गुजरने के लिए क्या हैं नए नियम?

ईरान के इस नए समुद्री गलियारे का इस्तेमाल करने के लिए जहाजों को एक खास प्रक्रिया का पालन करना होगा। ईरान ने स्पष्ट किया है कि यह रास्ता केवल मित्र देशों या गैर-दुश्मन देशों के जहाजों के लिए ही खुला है।

  • जहाजों को पहले रजिस्ट्रेशन और वेरिफिकेशन की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
  • जहाज के मालिक और कार्गो की पूरी जानकारी IRGC को पहले ही देनी होगी।
  • ईरान के Larak Island के पास नौसैनिक बल और बंदरगाह अधिकारी जहाजों की फिजिकल जांच करेंगे।
  • रिपोर्ट के अनुसार एक टैंकर ने इस रास्ते से गुजरने के लिए लगभग 20 लाख डॉलर की फीस चुकाई है।
  • भारत, चीन, पाकिस्तान और मलेशिया जैसे देश ईरान के साथ सीधे संपर्क में हैं ताकि उनके जहाजों को रास्ता मिल सके।

भारतीय जहाजों और व्यापार पर क्या असर होगा?

भारत के लिए यह खबर काफी राहत भरी है क्योंकि भारतीय गैस कैरियर जहाज पहले ही इस नए रास्ते का इस्तेमाल शुरू कर चुके हैं। भारतीय जहाज Shivalik, Nanda Devi और Jag Laadki इस रास्ते से होकर सुरक्षित भारत पहुंच चुके हैं। 28 फरवरी के बाद से इस रास्ते से होने वाले व्यापार में 94 प्रतिशत से ज्यादा की गिरावट आई थी।

अब इसे ‘परमिशन-बेस्ड’ सिस्टम के तहत खोला गया है। हालांकि अमेरिका, इजरायल और यूरोप के कुछ देशों से जुड़े जहाजों को अभी भी इस रास्ते से जाने की इजाजत नहीं दी गई है। आने वाले समय में इस सिस्टम को और अधिक औपचारिक और व्यवस्थित बनाने की योजना है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.