Strait of Hormuz पर ईरान का बड़ा दावा, जहाजों की आवाजाही के लिए बनाया नया नियम, अब देना होगा भारी शुल्क

ईरान ने दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री रास्तों में से एक, Strait of Hormuz को लेकर बड़ा दावा किया है। मॉस्को में ईरान के राजदूत Kazem Jalali ने कहा कि अब जहाजों की आवाजाही एक नए कानूनी ढांचे और सुरक्षा व्यवस्था के तहत होगी। ईरान का कहना है कि अमेरिका और इजरायल के हमले उनके शासन को बदलने में नाकाम रहे और अब ईरान पहले से ज्यादा एकजुट है।

Strait of Hormuz पार करने के लिए देना होगा भारी शुल्क

ईरान ने इस समुद्री मार्ग को चलाने के लिए एक नई योजना बनाई है। जानकारी के मुताबिक, जो जहाज IRGC के नियमों का पालन करेंगे और सुरक्षा शुल्क देंगे, उन्हें प्राथमिकता मिलेगी। यह शुल्क लगभग 2 मिलियन डॉलर प्रति पारगमन तय किया गया है, जिसे युआन या क्रिप्टोकरेंसी में लिया जाएगा। अमेरिका और इजरायल से जुड़े जहाजों के लिए इस रास्ते पर पूरी तरह पाबंदी लगाने की बात कही गई है।

जहाजों की जब्ती और अमेरिका की नाकाबंदी का असर

पिछले कुछ दिनों में इस इलाके में तनाव काफी बढ़ा है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड नेवी ने समुद्री नियमों के उल्लंघन का दावा करते हुए EPAMINONDAS और MSC FRANCESCA नाम के दो कंटेनर जहाजों को जब्त कर लिया है। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने नाकाबंदी जारी रखी है। CENTCOM के अनुसार, इस नाकाबंदी की वजह से अब तक 28 जहाजों को ईरानी बंदरगाहों से वापस मुड़ने का निर्देश दिया गया है।

ईरान की नई सुरक्षा व्यवस्था और राजनीतिक बयान

ईरानी अधिकारियों ने कहा है कि अब बाहर के देशों द्वारा सुरक्षा थोपने का समय खत्म हो गया है। सर्वोच्च नेता के सलाहकार अली अकबर वेलायती ने एक नई व्यवस्था की घोषणा की है, हालांकि इसकी पूरी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। विदेश मंत्री अब्बास अराक्ची ने पहले कहा था कि रास्ता खुला है, लेकिन यह केवल ईरान के समुद्री संगठन द्वारा बताए गए खास रास्तों तक ही सीमित रखा गया था।