ईरान ने दुनिया के सबसे जरूरी तेल रास्ते Strait of Hormuz के लिए नए नियम लागू कर दिए हैं। अब यहाँ से गुजरने वाले जहाजों को ईरान से परमिट लेना होगा और उनके तय नियमों का पालन करना होगा। इस फैसले के बाद अमेरिका और खाड़ी देशों के बीच तनाव बढ़ गया है और मामला संयुक्त राष्ट्र तक पहुँच गया है।
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ईरान के नए नियम क्या हैं और जहाजों पर क्या असर होगा?
ईरान ने 6 मई 2026 को समुद्री ट्रैफिक के लिए एक नया ‘सोवरेन गवर्नेंस सिस्टम’ शुरू किया। इसके तहत अब जहाजों को रास्ता पार करने के लिए ट्रांजिट परमिट लेना जरूरी होगा। ईरान की सरकारी मीडिया के मुताबिक, शिपिंग कंपनियों को Persian Gulf Strait Authority (PGSA) से इलेक्ट्रॉनिक निर्देश मिलेंगे, जिसमें रास्ते के नए नियमों की जानकारी होगी। IRGC Navy ने चेतावनी दी है कि सभी जहाज केवल तय किए गए समुद्री कॉरिडोर का पालन करें, नहीं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अमेरिका और खाड़ी देशों ने इस पर क्या कहा?
अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio ने ईरान पर आरोप लगाया कि वह जहाजों को धमकाकर और अवैध टोल वसूलकर दुनिया की अर्थव्यवस्था को बंधक बना रहा है। वहीं, अमेरिकी रक्षा मंत्री Pete Hegseth ने साफ किया कि ईरान का इस रास्ते पर कोई नियंत्रण नहीं है। उन्होंने ‘Project Freedom’ के बारे में बताया, जिसके तहत अमेरिकी नौसेना की मदद से दो कमर्शियल जहाज सफलतापूर्वक इस रास्ते से गुजरे। अमेरिका और उसके खाड़ी सहयोगियों ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक प्रस्ताव पेश किया है, जिसमें ईरान पर प्रतिबंध लगाने की चेतावनी दी गई है।
अंतर्राष्ट्रीय कानून और नियमों की स्थिति क्या है?
संयुक्त राष्ट्र के समुद्री कानून (UNCLOS) के मुताबिक, Strait of Hormuz एक अंतर्राष्ट्रीय जलमार्ग है। नियम यह है कि यहाँ जहाजों के आने-जाने का रास्ता (Transit Passage) नहीं रोका जा सकता। तटीय देश सुरक्षा और प्रदूषण के नियम तो बना सकते हैं, लेकिन वे रास्ता पार करने के लिए पहले से अनुमति या सूचना मांगना अनिवार्य नहीं कर सकते। बिना UN की मंजूरी के रास्ता रोकना अंतर्राष्ट्रीय नियमों का उल्लंघन माना जाता है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Strait of Hormuz में ईरान ने क्या नया नियम लागू किया है?
ईरान ने ‘सोवरेन गवर्नेंस सिस्टम’ शुरू किया है, जिसके तहत अब जहाजों को रास्ता पार करने के लिए ट्रांजिट परमिट लेना होगा और Persian Gulf Strait Authority (PGSA) के नियमों का पालन करना होगा।
अमेरिका का ‘Project Freedom’ क्या है?
यह अमेरिकी नौसेना की एक पहल है जिसमें अमेरिकी डिस्ट्रॉयर्स की मदद से कमर्शियल जहाजों को सुरक्षित रास्ता पार कराया गया, ताकि यह साबित किया जा सके कि ईरान का इस जलमार्ग पर नियंत्रण नहीं है।