होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) इस वक्त पूरी दुनिया की नज़र में है। यहाँ से दुनिया का एक बड़ा हिस्सा तेल और गैस गुज़रता है, इसलिए ईरान और अमेरिका के बीच की खींचतान ने सबको चिंता में डाल दिया है। अगर यहाँ रास्ता बंद हुआ तो तेल की कीमतें अचानक बढ़ सकती हैं जिससे आम आदमी की जेब पर असर पड़ेगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था बिगड़ सकती है।

होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर ईरान और दुनिया के देशों में क्या विवाद है?

अंतर्राष्ट्रीय कानूनों के मुताबिक यह एक खुला रास्ता है जहाँ से सभी जहाजों को आने-जाने की आज़ादी है। 1982 के UNCLOS कानून के तहत इसे ‘ट्रांजिट पैसेज’ माना जाता है, लेकिन ईरान ने इस कानून को नहीं माना है। ईरान का कहना है कि वह तय करेगा कि कौन सा जहाज यहाँ से गुज़रेगा और वह अमेरिका या इसराइल से जुड़े जहाजों को रोक सकता है।

  • कुवैत का स्टैंड: कुवैत ने साफ़ कहा है कि यह रास्ता सबके लिए खुला रहना चाहिए और इसे रोकना अंतर्राष्ट्रीय कानून का बड़ा उल्लंघन है।
  • कतर की राय: 19 मई 2026 को कतर के विदेश मंत्रालय ने कहा कि किसी भी देश को, यहाँ तक कि ईरान को भी, समुद्री रास्तों को रोकने का हक नहीं है।
  • ईरान की धमकी: ईरान के सुप्रीम लीडर मुजतबा खामेनेई ने 12 मार्च 2026 को कहा था कि वह इस रास्ते को अमेरिका और इसराइल के खिलाफ एक हथियार की तरह इस्तेमाल करेंगे।

क्या अब रास्ता खुलने वाला है और हालिया अपडेट क्या हैं?

ताज़ा खबरों के मुताबिक, 20 मई 2026 को दो चीनी तेल टैंकर इस रास्ते से सुरक्षित बाहर निकले हैं। साथ ही, एक दक्षिण कोरियाई तेल टैंकर ने भी यहाँ से सफ़र किया है, जो युद्ध शुरू होने के बाद पहली बार हुआ है। इन घटनाओं से दुनिया में शांति की उम्मीद जगी है।

ईरान ने अब ‘पर्शियन गल्फ स्ट्रेट अथॉरिटी’ नाम की एक नई संस्था बनाई है जो इस रास्ते की निगरानी करेगी। दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और उपराष्ट्रपति JD वेंस ने संकेत दिए हैं कि ईरान के साथ बातचीत चल रही है। हालांकि, ट्रंप ने यह चेतावनी भी दी है कि अगर बातचीत फेल हुई तो सैन्य कार्रवाई की जा सकती है। ईरान के lawmaker इब्राहिम रज़ई ने साफ़ कर दिया है कि अब इस रास्ते की स्थिति पहले जैसी नहीं रहेगी और ईरान की मर्ज़ी के बिना इसे पूरी तरह नहीं खोला जा सकता।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz इतना ज़रूरी क्यों है?

यह रास्ता इसलिए ज़रूरी है क्योंकि दुनिया का ज़्यादातर कच्चा तेल और LNG इसी रास्ते से गुज़रता है। अगर यह बंद होता है तो तेल की सप्लाई रुक जाएगी और कीमतें बढ़ जाएंगी।

ईरान इस रास्ते पर क्या दावा कर रहा है?

ईरान का दावा है कि इस रास्ते पर उसका नियंत्रण है और वह अपनी सुरक्षा के नाम पर अमेरिका और इसराइल से जुड़े जहाजों को यहाँ आने से रोक सकता है।