Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच सुलह की उम्मीद, समुद्री रास्ते से तेल सप्लाई बहाल होने की तैयारी

Nura Basta5 August 20262 min read62 viewsWorld
Strait of Hormuz: ईरान और अमेरिका के बीच सुलह की उम्मीद, समुद्री रास्ते से तेल सप्लाई बहाल होने की तैयारी

ईरान के सरकारी न्यूज़ एजेंसी IRNA ने 5 अगस्त 2026 को यह जानकारी दी है कि देश में ईंधन की सप्लाई पूरी तरह से जारी है और इसमें कोई रुकावट नहीं आई है। यह दावा तब किया गया है जब देश के बुनियादी ढांचे पर अमेरिका और इज़राइल द्वारा हमलों के आरोप लगाए गए थे। फिलहाल पूरी दुनिया की नज़रें होर्मुज जलडमरूमध्य यानी Strait of Hormuz पर टिकी हैं, जो 28 फरवरी 2026 से ही बंद पड़ा है। उस समय अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच सैन्य संघर्ष के बाद समुद्री रास्तों को पूरी तरह से सील कर दिया गया था।

शांति वार्ता और ओमान की भूमिका

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने संकेत दिए हैं कि होर्मुज के रास्ते को फिर से खोलने के लिए एक समझौता हो सकता है। उनके अनुसार, 5 या 6 अगस्त तक इस दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति की उम्मीद है। ईरानी अधिकारियों ने भी ओमान के साथ हो रही बातचीत को सकारात्मक बताया है। ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने ओमान के साथ एक मसौदा समझौते को शुरुआती मंजूरी दे दी है, जिसका मकसद इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग से व्यापार को अस्थायी रूप से बहाल करना है।

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तेल की कीमतों में गिरावट का असर

इस राजनयिक हलचल का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ा है। तनाव कम होने की खबर से कच्चा तेल सस्ता हुआ है। ब्रेंट क्रूड ऑयल के भाव में 92 सेंट की कमी आई है और यह $78.44 प्रति बैरल पर आ गया है। वहीं, West Texas Intermediate (WTI) क्रूड फ्यूचर्स भी $1.07 गिरकर $74.70 प्रति बैरल के स्तर पर पहुंच गया है। आम आदमी और एक्सपैट्स के लिए यह खबर राहत भरी है, क्योंकि तेल की कीमतों में कमी का असर आने वाले समय में महंगाई पर भी पड़ सकता है।

क्षेत्र में बढ़ते तनाव के अन्य पहलू

भले ही बातचीत चल रही हो, लेकिन जमीनी स्थिति अभी भी नाजुक है। जुलाई के अंत और अगस्त की शुरुआत में ऐसी खबरें सामने आई थीं कि अमेरिका और इज़राइल ईरान के पावर प्लांट और रिफाइनरी को निशाना बनाने की योजना बना रहे हैं। जवाब में 4 अगस्त को ईरान के एक सुरक्षा अधिकारी ने चेतावनी दी थी कि अगर उन पर हमला हुआ, तो ईरान भी इज़राइल और अमेरिका की ऊर्जा सुविधाओं को पश्चिम एशिया में निशाना बनाने से पीछे नहीं हटेगा। इसके अलावा, यमन के Houthi विद्रोहियों ने भी 5 अगस्त को लाल सागर में सऊदी अरब के तेल टैंकर Wafa पर हमला करने का दावा किया है। यह 22 जुलाई से चल रही नाकेबंदी के दौरान आठवां हमला बताया जा रहा है। आप इस पूरी घटनाक्रम की अधिक जानकारी News on Air की रिपोर्ट के माध्यम से देख सकते हैं।

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