ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर बड़ा बयान दिया है. उन्होंने साफ़ कहा कि यह रास्ता सभी के लिए खुला है, लेकिन उन देशों के जहाजों को यहाँ से नहीं गुजरने दिया जाएगा जो ईरान के साथ युद्ध की स्थिति में हैं. भारत के साथ अच्छे रिश्तों का जिक्र करते हुए उन्होंने भरोसा दिलाया कि व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए सहयोग बना रहेगा.

हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में किन जहाजों को मिलेगी एंट्री और क्या हैं नियम?

ईरान के विदेश मंत्री ने नई दिल्ली में आयोजित 18वें BRICS विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान ये बातें कहीं. उन्होंने साफ़ किया कि व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता खुला है, लेकिन उन्हें ईरान की नौसेना (Iranian naval forces) के साथ तालमेल बिठाकर ही गुजरना होगा. अरागची ने यह दावा भी किया कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य पूरी तरह से ईरान और ओमान के बीच है और यहाँ कोई अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र नहीं है. उन्होंने अमेरिका पर भरोसा न होने की बात कही लेकिन भारत के साथ करीबी तालमेल की बात कही ताकि भविष्य में जहाजों का रास्ता सुरक्षित रहे.

समुद्र में बढ़ी हलचल, भारतीय जहाज डूबा और अमेरिका-चीन का क्या है स्टैंड?

पिछले कुछ दिनों में इस इलाके में तनाव काफी बढ़ गया है. 14 मई 2026 के आसपास ओमान के तट पर एक भारतीय कार्गो जहाज डूब गया, जो अफ्रीका से UAE livestock ले जा रहा था. खबर है कि यह जहाज किसी मिसाइल या ड्रोन हमले का शिकार हुआ था, हालांकि ओमान के कोस्टगार्ड ने सभी 14 चालक दल के सदस्यों को सुरक्षित बचा लिया. इसके अलावा, UAE के तट से एक जहाज को पकड़कर ईरानी पानी की तरफ ले जाया गया है.

दूसरी तरफ, बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump और चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping की मुलाकात हुई. दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य को हर हाल में खुला रखना होगा. राष्ट्रपति ट्रंप ने बताया कि चीनी राष्ट्रपति ने इस विवाद को खत्म करने और रास्ते को दोबारा खोलने में मदद की पेशकश की है. वहीं, US Central Command (CENTCOM) ने बताया कि 13 अप्रैल से लागू नाकाबंदी के बाद अब तक 70 जहाजों का रास्ता बदला गया है और 4 जहाजों को निष्क्रिय कर दिया गया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

भारतीय जहाजों के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य की क्या स्थिति है?

ईरान के विदेश मंत्री ने भारत के साथ करीबी संबंधों की बात कही है और भरोसा दिलाया है कि व्यापारिक जहाजों की सुरक्षित आवाजाही के लिए पूरा सहयोग किया जाएगा.

अमेरिका और चीन ने इस मुद्दे पर क्या फैसला लिया है?

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने बीजिंग में मुलाकात की और तय किया कि यह जलमार्ग खुला रहना चाहिए और ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए.