ईरान ने Strait of Hormuz में अपना नया सुरक्षा नियम लागू करने की कोशिश की है जिससे पूरी दुनिया के व्यापार पर असर पड़ सकता है। अमेरिका के पूर्व अधिकारी Mark Kimmitt ने इसे दुनिया के लिए एक खतरनाक मिसाल बताया है। इस तनाव की वजह से समुद्र के रास्ते आने-जाने वाले जहाजों की संख्या बहुत कम हो गई है और माहौल काफी तनावपूर्ण हो गया है।

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ईरान आखिर Strait of Hormuz में क्या करना चाहता है?

ईरान ने एक नया ‘Gulf security architecture’ घोषित किया है। इसके तहत ईरान ने समुद्र के उस हिस्से पर अपना नियंत्रण जमाने की कोशिश की है जहाँ से दुनिया का बहुत सारा तेल गुजरता है। Mark Kimmitt के मुताबिक ईरान अब ओमान और UAE के समुद्री इलाकों पर अपना दावा कर रहा है।

  • ईरान ने अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग को ‘टोल बूथ’ की तरह इस्तेमाल करने और जहाजों से पैसे वसूलने की बात कही है।
  • ईरान की Revolutionary Guard ने 4 मई 2026 को एक नया नक्शा जारी किया जिसमें उन्होंने अपने मैनेजमेंट वाला ज़ोन तय किया है।
  • ईरान का कहना है कि केवल उनके द्वारा बताए गए कॉरिडोर से ही जहाजों का जाना सुरक्षित है।

अमेरिका और अन्य देशों का इस पर क्या कहना है?

अमेरिका और उसके सहयोगियों ने ईरान की इन हरकतों का कड़ा विरोध किया है। Mark Kimmitt ने कहा कि दुनिया का कोई भी देश या अंतरराष्ट्रीय संस्था, यहाँ तक कि UN भी ईरान के इस कदम का समर्थन नहीं कर रहा है। UN Secretary General ने भी इसे UN Charter का उल्लंघन बताया है।

  • अमेरिका ने ‘Project Freedom’ शुरू किया है जिसके तहत कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा देने के लिए उनके साथ सैन्य जहाजों को भेजा जा रहा है।
  • Secretary of State Marco Rubio ने ‘Operation Epic Fury’ को खत्म कर अब जहाजों की सुरक्षा पर ध्यान दिया है।
  • अमेरिका और उसके सहयोगी देश UN में एक प्रस्ताव ला रहे हैं ताकि ईरान पर प्रतिबंध लगाए जा सकें।

आम व्यापार और जहाजों पर इसका क्या असर पड़ा है?

इस विवाद की वजह से समुद्र में जहाजों की आवाजाही बहुत घट गई है। पिछले दो हफ्तों में केवल 19 जहाज ही इस रास्ते से गुजरे हैं। ईरान ने कुछ देशों जैसे India, Russia, China, Pakistan, Iraq, Malaysia, Thailand और Bangladesh को ‘दोस्त देश’ मानकर उन्हें रास्ता देने की अनुमति दी है।

तनाव इतना बढ़ गया है कि UAE के तेल बुनियादी ढांचे और ओमान की एक नागरिक बिल्डिंग पर भी हमले हुए हैं। अंतरराष्ट्रीय कानून UNCLOS के मुताबिक यह रास्ता सबके लिए खुला रहना चाहिए, लेकिन ईरान इसे अपनी शर्तों पर चलाना चाहता है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने किन देशों के जहाजों को रास्ता देने की अनुमति दी है?

ईरान ने रूस, चीन, भारत, पाकिस्तान, इराक, मलेशिया, थाईलैंड और बांग्लादेश को ‘मैत्रीपूर्ण देश’ मानते हुए उनके जहाजों को Strait of Hormuz से गुजरने की अनुमति दी है।

अमेरिका का ‘Project Freedom’ क्या है?

Project Freedom अमेरिका द्वारा 4 मई 2026 को शुरू किया गया एक ऑपरेशन है, जिसका मकसद Strait of Hormuz से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों को सुरक्षा देना और उन्हें एस्कॉर्ट करना है।