ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से गुजरने वाले जहाजों पर नया टैक्स लगाने का फैसला किया है। इस नए नियम के तहत जहाजों को अब मोटी रकम चुकानी होगी जिससे अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सप्लाई पर बड़ा असर पड़ने वाला है। खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों और वहां सामान भेजने वाली कंपनियों के लिए यह खबर काफी अहम है क्योंकि इससे आने वाले दिनों में महंगाई बढ़ सकती है। ईरान का कहना है कि वह यह पैसा अपने देश के पुनर्निर्माण कार्यों के लिए इकट्ठा कर रहा है।

टैक्स के नए नियम और कितनी देनी होगी फीस?

ईरान की संसद ने मार्च 2026 के अंत में इस योजना को मंजूरी दी है जिसके तहत अब गुजरने वाले जहाजों से ट्रांजिट फीस ली जाएगी। नए नियमों की मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:

  • फीस की दर: तेल ले जाने वाले जहाजों को प्रति बैरल 1 डॉलर या पूरे जहाज के लिए $2 मिलियन तक का भुगतान करना होगा।
  • पेमेंट का तरीका: यह पैसा Bitcoin जैसी डिजिटल करेंसी या चीनी युआन (Chinese Yuan) में लिया जाएगा।
  • जांच प्रक्रिया: जहाजों को अपनी कार्गो जानकारी पहले ही ईमेल करनी होगी और IRGC के जवान उनकी जांच करेंगे।
  • प्रतिबंध: अमेरिका या इजराइल से जुड़े जहाजों को रास्ता नहीं दिया जाएगा और अन्य जहाजों को उनकी राष्ट्रीयता के आधार पर रैंक किया जाएगा।
  • ट्रैफिक में कमी: पहले यहाँ से रोजाना 100 से ज्यादा जहाज निकलते थे लेकिन अब यह संख्या घटकर केवल 12 रह गई है।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विरोध और कानूनी अड़चनें

ईरान के इस कदम का ओमान, अमेरिका और यूरोपीय संघ (EU) ने कड़ा विरोध किया है। ओमान के परिवहन मंत्री ने साफ कहा है कि अंतरराष्ट्रीय समझौतों के मुताबिक किसी भी प्राकृतिक समुद्री रास्ते पर टैक्स नहीं लगाया जा सकता है। यूरोपीय संघ ने भी बयान जारी कर कहा है कि अंतरराष्ट्रीय कानूनों के तहत समुद्री जहाजों को बिना किसी रोक-टोक और बिना किसी फीस के निकलने की आजादी है। कानूनी विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान का यह फैसला UN के समुद्री नियमों (UNCLOS) के खिलाफ है। हालांकि, शिपिंग कंपनियां बीमा के डर से और सुरक्षित निकलने के लिए यह भारी भरकम फीस देने पर मजबूर हो रही हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com