ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर देश की स्थिति साफ कर दी है। उन्होंने Al Jazeera को दिए एक बयान में कहा कि ईरान इस समुद्री रास्ते को खुला मानता है, लेकिन यह केवल उन देशों के जहाजों के लिए बंद है जो ईरान के साथ युद्ध में शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि युद्ध के दौरान यह एक सामान्य प्रक्रिया है और ईरान अपने दुश्मनों को वाणिज्यिक कार्यों के लिए अपने समुद्री क्षेत्र का उपयोग करने की अनुमति नहीं दे सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए प्रस्तावित नए नियम और स्थिति
ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति ने इस समुद्री रास्ते के प्रबंधन के लिए एक नई योजना तैयार की है। इसमें कई बड़े बदलावों का प्रस्ताव रखा गया है जो आने वाले समय में लागू हो सकते हैं। ईरान ने मित्र देशों के लिए रास्ता खुला रखने की बात कही है, जिससे भारत और चीन जैसे देशों को राहत मिल सकती है।
| प्रमुख बिंदु | विवरण |
|---|---|
| मित्र देश | भारत, चीन, रूस और पाकिस्तान के जहाजों को अनुमति है |
| प्रतिबंधित देश | अमेरिका और इजरायल के जहाजों के गुजरने पर पाबंदी का प्रस्ताव है |
| नया टैक्स नियम | जहाजों से रियाल आधारित टोल टैक्स लेने की योजना बनाई गई है |
| अमेरिका के साथ संदेश | संदेशों का आदान-प्रदान जारी है लेकिन यह कोई बातचीत या वार्ता नहीं है |
| ताज़ा घटना | दुबई के तट के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर ड्रोन हमले की खबर है |
| चीनी जहाज | चीन के तीन जहाजों ने समन्वय के बाद सुरक्षित रास्ता पार किया है |
क्षेत्रीय तनाव और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की चिंता
पिछले 24 घंटों में इस क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्री ने इजरायल पर फार्मास्युटिकल कंपनियों पर बमबारी करने का आरोप लगाया है। वहीं दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि यदि यह समुद्री रास्ता तुरंत नहीं खोला गया और कोई समझौता नहीं हुआ, तो वे ईरानी ऊर्जा बुनियादी ढांचे पर हमला कर सकते हैं।
- ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने अमेरिका और इजरायल का समर्थन करने वाले देशों के जहाजों पर भी रोक लगाने की घोषणा की है।
- अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत होर्मुज जैसे जलडमरूमध्य से सभी देशों के जहाजों को गुजरने का अधिकार है।
- ब्रिटेन, फ्रांस और जर्मनी जैसे देशों ने जहाजों के आवागमन में ईरान के हस्तक्षेप की निंदा की है।
- ईरान के Qeshm द्वीप पर एक जल अलवणीकरण (desalination) प्लांट के हमले के बाद बंद होने की खबर भी सामने आई है।
- खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीय प्रवासियों के लिए यह स्थिति महत्वपूर्ण है क्योंकि यह समुद्री व्यापार और तेल की कीमतों को प्रभावित कर सकती है।
