हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इस स्थिति को बहुत जटिल बताया है। दुनिया भर की नजरें इस सामरिक रास्ते पर टिकी हैं क्योंकि यहाँ से भारी मात्रा में तेल और गैस का व्यापार होता है और किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक अर्थव्यवस्था को प्रभावित कर सकती है।

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ईरान और अमेरिका के बीच क्या है विवाद?

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने नई दिल्ली में ब्रिक्स (BRICS) देशों की बैठक के दौरान कहा कि हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला है। लेकिन उन्होंने शर्त रखी कि जहाजों को ईरानी नौसेना के साथ सहयोग करना होगा। अराघची ने अमेरिका पर इस रास्ते की नाकाबंदी करने और मुश्किलें पैदा करने का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका और इसराइल के जहाजों के लिए यह रास्ता प्रभावी रूप से बंद है।

चीन और अमेरिका के बीच क्या सहमति बनी?

बीजिंग में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग के बीच बातचीत हुई। दोनों नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि ऊर्जा के स्वतंत्र प्रवाह के लिए हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य का खुला रहना बहुत जरूरी है। राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा कि शी जिनपिंग ने उन्हें भरोसा दिलाया है कि चीन ईरान को कोई सैन्य उपकरण नहीं देगा। वहीं, चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि वह ईरान के परमाणु हथियार रखने के खिलाफ है, लेकिन शांतिपूर्ण परमाणु तकनीक के उसके अधिकार का समर्थन करता है।

UAE और जहाजों की जब्ती का मामला

हालिया घटनाक्रम में UAE के फुजैराह बंदरगाह के पास एक जहाज को कुछ अज्ञात लोगों ने पकड़ लिया और उसे ईरानी पानी की तरफ ले गए। इस घटना के बीच ईरान ने संयुक्त अरब अमीरात (UAE) पर अमेरिका और इसराइल के साथ मिलकर ईरान के खिलाफ युद्ध में सक्रिय भूमिका निभाने का आरोप लगाया है। दूसरी ओर, ईरानी मीडिया ने खबर दी कि 30 से ज्यादा जहाजों को, जिनमें कुछ चीनी कंपनियों के जहाज भी थे, ईरान के प्रबंधन प्रोटोकॉल के तहत रास्ता दिया गया।

Frequently Asked Questions (FAQs)

Strait of Hormuz में तनाव क्यों बढ़ रहा है?

ईरान ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ अपनी सख्त स्थिति अपनाई है और UAE पर अमेरिका के साथ मिले होने का आरोप लगाया है, जिससे इस सामरिक जलमार्ग पर तनाव बढ़ा है।

क्या व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता बंद है?

ईरान के विदेश मंत्री के अनुसार, रास्ता सभी व्यापारिक जहाजों के लिए खुला है, बशर्ते वे ईरानी नौसेना के नियमों और सहयोग का पालन करें।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com