ईरान ने दुनिया को चौंकाते हुए Strait of Hormuz में टोल टैक्स वसूलना शुरू कर दिया है। ईरान के डिप्टी पार्लियामेंट स्पीकर हमीदरेज़ा हाजी-बाबाए ने बताया कि पहली कमाई सीधे सेंट्रल बैंक के खाते में जमा हो गई है। इस बड़े कदम से अंतरराष्ट्रीय व्यापार और जहाजों के आने-जाने के पुराने नियमों में बदलाव आ गया है।

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टोल टैक्स और पेमेंट के नियम क्या हैं?

ईरान ने जहाजों से पैसा वसूलने के लिए एक पूरा प्लान तैयार किया है। इसमें पेमेंट के तरीके और फीस को लेकर सख्त नियम बनाए गए हैं।

विवरण जानकारी
टोल राशि करीब 20 लाख डॉलर प्रति जहाज
पेमेंट का तरीका चीनी मुद्रा युआन या क्रिप्टोकरेंसी
प्रतिबंधित जहाज अमेरिका और इसराइल से जुड़े जहाज
मंजूरी की तारीख 30 मार्च 2026
पहली कमाई की तारीख 23 अप्रैल 2026
पैसा कहाँ जमा हुआ सेंट्रल बैंक ऑफ ईरान

दुनिया भर के देशों का क्या कहना है?

अंतरराष्ट्रीय नियमों यानी UNCLOS के मुताबिक, इस समुद्री रास्ते पर कोई टोल नहीं लिया जा सकता और जहाजों को बिना रोक-टोक आने-जाने की आजादी होनी चाहिए। ओमान ने ईरान के इस फैसले को पूरी तरह खारिज कर दिया है। अमेरिका, कतर और यूरोपीय संघ ने भी कहा है कि समुद्र में नेविगेशन की आजादी बनी रहनी चाहिए और बिना भुगतान के जहाजों का रास्ता साफ होना चाहिए।

IRGC ने कैसे किया इंतजाम?

ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने मार्च के बीच से ही यहाँ टोल बूथ जैसा सिस्टम लागू कर दिया था। अब जहाजों को यहाँ से निकलने के लिए खास क्लियरेंस कोड की जरूरत होगी और उन्हें सुरक्षा गार्डों के साथ भेजा जाएगा। ईरान का कहना है कि युद्ध की वजह से हुए नुकसान की भरपाई करने के लिए यह पैसा लेना जरूरी है।

Nura Basta

Nura Basta is the Editor at GulfHindi.com and a journalism graduate from IIMC Delhi. With more than 7 years of professional experience, he has worked with leading media organizations including Aaj Tak (2018–2021) and Gulf News (2021–2025). His reporting and editorial work primarily focus on Gulf news, current affairs, and issues relevant to the Indian diaspora. At GulfHindi.com, he is committed to providing credible, well-researched, and impactful content for Hindi readers in the Gulf.