Iran New Rule: ईरान का बड़ा ऐलान, 호र्मुज़ जलडमरूमध्य से गुजरने पर देना होगा टोल, दुश्मन देशों की एंट्री होगी बंद

ईरान में जलमार्ग को लेकर बड़ी हलचल मची है। वहां के एक सांसद ने कहा है कि अब Strait of Hormuz से गुजरने के लिए टोल टैक्स देना होगा। साथ ही उन्होंने साफ किया कि दुश्मन देशों को यहां से निकलने की अनुमति नहीं मिलेगी। इस खबर से पूरी दुनिया के व्यापार और जहाजों पर बड़ा असर पड़ सकता है।

ईरान के नए नियम और टोल टैक्स का क्या मामला है?

ईरानी सांसद Khezrian ने साफ तौर पर कहा कि Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों को अब टोल देना होगा। ईरान की संसद (Majlis) ने इसके लिए एक ‘मैनेजमेंट प्लान’ भी तैयार किया है। इसके तहत ‘सुरक्षा टैक्स’ वसूलने की बात कही गई है ताकि युद्ध के नुकसान की भरपाई की जा सके। अंतरराष्ट्रीय कानून UNCLOS के मुताबिक अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों पर टोल नहीं लगाया जा सकता, लेकिन ईरान का कहना है कि उसने इस संधि पर हस्ताक्षर नहीं किए हैं, इसलिए वह इसे मानने के लिए बाध्य नहीं है।

क्या अभी रास्ता खुला है या बंद हो गया है?

ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने जानकारी दी है कि कमर्शियल जहाजों के लिए यह रास्ता 22 अप्रैल 2026 तक पूरी तरह खुला रहेगा। यह फैसला लेबनान में हुए युद्धविराम की वजह से लिया गया है। दूसरी तरफ, अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा है कि जब तक ईरान के साथ डील 100% पूरी नहीं होती, तब तक ईरान जाने वाले जहाजों पर अमेरिकी नौसेना की पाबंदी (blockade) जारी रहेगी।

दुनिया भर के देश इस समस्या को कैसे सुलझा रहे हैं?

इस विवाद को खत्म करने के लिए फ्रांस और ब्रिटेन ने पहल की है। 17 अप्रैल 2026 को पेरिस में एक अंतरराष्ट्रीय मीटिंग बुलाई गई है ताकि रास्ते को सुचारू रूप से खोलने पर चर्चा हो सके। ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने कहा है कि वे जलमार्ग की सुरक्षा चाहते हैं, लेकिन उन्होंने यह भी माना कि अगर व्यापार में रुकावट आई तो पूरी दुनिया को इसका नुकसान झेलना पड़ेगा।

संबंधित व्यक्ति/संस्था भूमिका/बयान
सांसद Khezrian दुश्मन देशों की एंट्री बंद और टोल टैक्स लागू करने की मांग की
Abbas Araghchi व्यापारिक जहाजों के लिए रास्ता 22 अप्रैल तक खुला रखने का ऐलान किया
Donald Trump ईरान पर नौसेना की पाबंदी जारी रखने की बात कही
Masoud Pezeshkian सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय कानून के बीच संतुलन की बात की
फ्रांस और ब्रिटेन रास्ता खोलने के लिए पेरिस में इंटरनेशनल समिट का आयोजन किया
ईरानी संसद (Majlis) ‘Strait of Hormuz Management Plan’ पारित किया