ईरान की संसद ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के लिए एक नया मैनेजमेंट प्लान पास किया है। इस नए नियम के तहत अब इस समुद्री रास्ते से गुजरने वाले सभी जहाजों को ईरान की नेशनल करेंसी रियाल में टोल टैक्स देना होगा। इसके अलावा ईरान ने अमेरिका और इजरायल के जहाजों के यहां से गुजरने पर पूरी तरह से पाबंदी लगा दी है। मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच ईरान का यह कदम वैश्विक समुद्री व्यापार और खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों के लिए एक बड़ी खबर है।

ईरान के नए मैनेजमेंट प्लान में क्या है खास?

ईरान की संसदीय सुरक्षा समिति ने सोमवार को इस नए कानून को मंजूरी दी है। इस नियम के आने के बाद ईरान का इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते पर नियंत्रण और बढ़ जाएगा। इस योजना में कई कड़े प्रावधान शामिल किए गए हैं जो इस प्रकार हैं:

  • सभी जहाजों को अब ईरानी रियाल में टोल फीस का भुगतान करना होगा।
  • अमेरिका और इजरायल के जहाजों के आने-जाने पर पूरी तरह रोक रहेगी।
  • उन देशों के जहाजों पर भी पाबंदी लग सकती है जिन्होंने ईरान पर प्रतिबंध लगाए हैं।
  • जहाजों की सुरक्षा और पर्यावरण की देखरेख अब ईरानी सेना के हाथ में होगी।
  • इस नए सिस्टम को लागू करने के लिए ईरान ओमान के साथ मिलकर काम करेगा।

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्या होगा असर?

ईरान के इस फैसले से दुनिया भर के देशों में खलबली मच गई है। अमेरिका ने इस पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है और कहा है कि वे इस रास्ते को सुरक्षित रखने के लिए जरूरी कदम उठाएंगे। वहीं भारत और पाकिस्तान जैसे देशों के जहाजों पर भी इसका असर दिख रहा है।

नीचे दी गई तालिका से समझिए कि इस समय हालात क्या हैं:

देश/संस्था ताज़ा स्थिति और प्रभाव
भारत लगभग 28 भारतीय और विदेशी झंडे वाले जहाज खाड़ी क्षेत्र में फंसे हुए हैं।
अमेरिका ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि वे समुद्री सुरक्षा के लिए दोबारा कंट्रोल लेंगे।
पाकिस्तान ईरान ने हाल ही में 20 पाकिस्तानी जहाजों को गुजरने की अनुमति दी है।
कुवैत दुबई के पास एक कुवैती तेल टैंकर पर हमले की खबर भी सामने आई है।

सऊदी अरब में रह रहे प्रवासियों पर क्या असर होगा?

खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते इस तनाव के बीच सऊदी अरब में रह रहे लाखों प्रवासियों की सुरक्षा और आर्थिक स्थिति भी चर्चा में है। सऊदी में लगभग 1.57 करोड़ विदेशी रह रहे हैं जिनमें 23 लाख से ज्यादा भारतीय शामिल हैं। हालांकि सऊदी सरकार प्रवासियों के लिए प्रीमियम रेजिडेंसी जैसे नए नियम ला रही है जिससे लोग वहां घर और बिजनेस कर सकें, लेकिन क्षेत्रीय तनाव समुद्री रास्ते से होने वाले सामान की सप्लाई और कीमतों को प्रभावित कर सकता है।

सऊदी में रह रहे प्रवासियों के लिए राहत की बात यह है कि वहां की सरकार ने हाल ही में कुछ प्रवासी फीस खत्म की है और नौकरी बदलने के नियमों को आसान बनाया है। लेकिन समुद्री रास्ते में टोल टैक्स और पाबंदी से खाड़ी देशों में आने वाले सामान की कीमतों में बदलाव होने की संभावना बनी रहती है।