दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल और व्यापारिक समुद्री मार्ग Strait of Hormuz में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों के लिए नया कानूनी ढांचा तैयार किया है और ट्रांजिट शुल्क वसूलना शुरू कर दिया है। वहीं दूसरी तरफ, अमेरिका ने अपनी सैन्य कार्रवाई तेज कर दी है, जिससे वैश्विक व्यापार और जहाजों की सुरक्षा पर बड़ा असर पड़ सकता है।

🗞️: Hormuz Strait में बढ़ा तनाव, ईरान ने जब्त किए जहाज, अमेरिका भेज रहा है दूसरा एयरक्राफ्ट करियर

ईरान ने जहाजों को जब्त किया और ट्रांजिट शुल्क लगाया

ईरान ने समुद्री नियमों के उल्लंघन का दावा करते हुए होर्मुज जलडमरूमध्य में दो कंटेनर जहाजों, EPAMINONDAS और MSC FRANCESCA को जब्त कर लिया और उन्हें अपने तटों पर ले गया। एक अन्य जहाज EUPHORIA पर IRGC गनबोट द्वारा गोलीबारी की भी खबर मिली। ईरान ने अब इस मार्ग से गुजरने वाले जहाजों पर ट्रांजिट शुल्क लगाना शुरू किया है और सरकार ने इस शुल्क से अपना पहला राजस्व भी एकत्र कर लिया है। हालांकि, रूस सहित कुछ मित्र देशों को इस शुल्क से छूट दी गई है।

अमेरिका का सख्त रुख और क्रिप्टो घोटाले की चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने अमेरिकी सेना को आदेश दिया है कि चैनल में खदानें बिछाने वाली छोटी ईरानी नौकाओं को देखते ही गोली मार दी जाए। अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों पर अपनी नौसैनिक नाकाबंदी जारी रखी है। इसी बीच, ग्रीक सुरक्षा परामर्शदाता ने जहाजों को आगाह किया है कि कुछ धोखेबाज लोग ईरानी अधिकारियों के नाम पर क्रिप्टो पेमेंट के बदले सुरक्षित रास्ता देने का लालच दे रहे हैं, जो पूरी तरह फर्जी है।

ईरान के अधिकारियों का क्या है कहना

मॉस्को में ईरान के राजदूत Kazem Jalali ने कहा कि नई सुरक्षा व्यवस्था के तहत जहाजों की आवाजाही सुरक्षित है और अमेरिका व इजरायल के हमले शासन परिवर्तन में विफल रहे। लेकिन, ईरान के संसदीय अध्यक्ष Mohammad Bagher Ghalibaf ने चेतावनी दी कि जब तक अमेरिकी नौसैनिक नाकाबंदी खत्म नहीं होती, तब तक जलडमरूमध्य खुला नहीं रहेगा। उन्होंने अमेरिकी नाकाबंदी को युद्धविराम का उल्लंघन बताया है।