दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक Strait of Hormuz को लेकर ईरान ने कड़े कदम उठाए हैं. ईरान ने अब इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों पर फीस लगाने का फैसला किया है. यह पूरा विवाद अमेरिका द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकेबंदी करने के बाद और बढ़ गया है, जिसका असर ग्लोबल ट्रेड पर पड़ सकता है.

Strait of Hormuz में क्या बदलाव हुए हैं?

ईरान के राजदूत Kazem Jalali ने 20 अप्रैल को दावा किया था कि नए कानूनी ढांचे के तहत जहाज सुरक्षित गुजर सकते हैं. लेकिन बाद में विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने साफ किया कि जहाज सिर्फ ईरान के बताए खास रास्ते से ही जा पाएंगे. ईरान ने एलान किया है कि जब तक अमेरिका अपनी नेवल नाकेबंदी नहीं हटाता, यह रास्ता पूरी तरह नहीं खुलेगा. संसद स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने भी कहा कि नाकेबंदी के बीच रास्ता खोलना मुमकिन नहीं है.

किन जहाजों को पकड़ा गया और किसे मिली राहत?

  • जहाजों की जब्ती: IRGC की नेवल फोर्स ने 22 अप्रैल को पनामा का container ship MSC Francesca और लाइबेरिया का Epaminondas जहाज पकड़ा है.
  • ट्रांजिट फीस: ईरान ने अब इस समुद्री मार्ग से गुजरने के लिए फीस लेना शुरू कर दिया है.
  • दोस्त देशों को छूट: ईरान ने रूस जैसे अपने मित्र देशों को इस ट्रांजिट फीस से छूट दे दी है.
  • कमाई का हिसाब: डिप्टी स्पीकर Hamid Reza Haji Babaei ने बताया कि इस फीस से मिलने वाला पैसा सीधे नेशनल सेंट्रल बैंक में जमा किया गया है.

UN और ग्लोबल लेवल पर क्या हुआ?

इस पूरे विवाद को सुलझाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में एक ड्राफ्ट प्रस्ताव पेश किया गया था. इस प्रस्ताव में ईरानी हमलों को रोकने और जहाजों के लिए रास्ता सुरक्षित करने की मांग की गई थी. लेकिन चीन और रूस ने अपने वीटो पावर का इस्तेमाल कर इस प्रस्ताव को खारिज कर दिया. ईरान का कहना है कि अमेरिका और इसराइल के हमले अपने लक्ष्य में नाकाम रहे और उनकी सरकार अब पहले से ज्यादा एकजुट है.

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com