ईरान के Persian Gulf Strait Authority (PGSA) ने 31 जुलाई 2026 को एक बड़ा फैसला लेते हुए हॉर्मुज जलडमरूमध्य से जहाजों की आवाजाही पर रोक लगा दी है। ईरान का कहना है कि क्षेत्र में अमेरिकी सैन्य बलों की आक्रामक गतिविधियों के कारण यह कदम उठाना पड़ा है। अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि हालात सामान्य होने पर ही अनुमति दी जाएगी।
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ईरान और अमेरिका के बीच तनाव बढ़ा
Islamic Revolutionary Guard Corps (IRGC) ने भी इस फैसले का समर्थन किया है। IRGC ने दावा किया कि 31 जुलाई को उन्होंने उन दो तेल टैंकरों को रोक दिया जो अमेरिकी सैन्य सुरक्षा के साथ जा रहे थे। इसके अलावा, अन्य चार टैंकरों ने भी अपनी दिशा बदल ली। ईरान ने स्पष्ट कहा है कि 28 फरवरी से इस जलडमरूमध्य पर पूरी तरह से ईरानी नियंत्रण है और सभी जहाजों को उनके नियमों का पालन करना होगा।
क्षेत्रीय सुरक्षा पर असर
तनाव का असर सीधे तौर पर व्यापार और परिवहन पर पड़ा है। 30 जुलाई को इस रास्ते से गुजरने वाले जहाजों की संख्या घटकर मात्र 5 रह गई। वहीं, अमेरिकी CENTCOM ने बताया कि 14 जुलाई से अब तक 24 कमर्शियल जहाजों को रास्ता बदलने के लिए मजबूर किया गया है। इसके अलावा, 30 जुलाई को Qeshm Island पर अमेरिकी हमले में 3 नागरिकों की मौत की खबर है, जिसके जवाब में ईरान ने कुवैत और बहरीन में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले किए। कुवैत ने अपने ऊपर आए ड्रोन को नष्ट करने की सूचना दी है। यह पूरा घटनाक्रम वैश्विक ऊर्जा बाजार और खाड़ी देशों में हवाई यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।
