ईरान के संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबफ (MB Ghalibaf) ने साफ कर दिया है कि Strait of Hormuz के हालात अब युद्ध से पहले वाली स्थिति में नहीं लौटेंगे। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट और टीवी इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि इस रास्ते की सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह बदल चुकी है। विदेशी दखल और सैन्य तनाव के कारण यहां से व्यापारिक जहाजों की आवाजाही लगभग रुक गई है।

क्यों बंद है Strait of Hormuz और क्या कहा ईरान ने?

Strait of Hormuz दुनिया के सबसे अहम समुद्री रास्तों में से एक है जहां से बड़े पैमाने पर कच्चे तेल का व्यापार होता है। ईरान का कहना है कि उन्होंने इस रास्ते को जानबूझकर बंद नहीं किया है बल्कि सुरक्षा के भारी खतरों के कारण जहाजों ने खुद ही यहां से गुजरना बंद कर दिया है।

  • ईरान के मुताबिक विदेशी सैन्य दखल के कारण यह रास्ता अब सामान्य व्यापार के लिए सुरक्षित नहीं है।
  • हाल ही में इजरायल की सेना (IDF) ने तेहरान में हमले कर ईरान के बड़े अधिकारियों अली लारीजानी और गुलामरेज़ा सुलेमानी को मार गिराया है।
  • अमेरिका ने भी श्रीलंका के पास ईरान के एक युद्धपोत IRIS Dena को डुबो दिया है।
  • इसके जवाब में ईरान की सेना IRGC ने अमेरिका और इजरायल के ठिकानों पर ‘Operation True Promise 4’ के तहत हमले तेज कर दिए हैं।

कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल

Strait of Hormuz के बंद होने की खबरों का सीधा असर दुनिया भर के शेयर बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ा है। तेल की सप्लाई रुकने के डर से बाजार में खलबली मच गई है और तेल के दाम काफी तेजी से ऊपर गए हैं।

  • Brent Crude: 2.7% की बढ़ोतरी के साथ कच्चे तेल का दाम 103 डॉलर प्रति बैरल के करीब पहुंच गया है।
  • WTI: 3% उछाल के साथ यह 96 डॉलर प्रति बैरल हो गया है।
  • अमेरिका में भी पेट्रोल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है जो 3.79 डॉलर प्रति गैलन तक पहुंच गई है।

भारत और खाड़ी देशों के हालात

इस युद्ध का असर खाड़ी देशों में रहने वाले प्रवासियों पर भी पड़ रहा है। सुरक्षा कारणों को देखते हुए कतर से लगभग 1600 भारतीयों को विशेष व्यवस्था के तहत भारत वापस लाया गया है। वहीं अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने अपने सहयोगी देशों पर Strait of Hormuz को खुलवाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया है।

फ्रांस और पोलैंड ने फिलहाल इस युद्ध क्षेत्र में अपनी सेना भेजने से मना कर दिया है लेकिन UAE अमेरिका के नेतृत्व वाले सुरक्षा अभियान में शामिल होने पर विचार कर रहा है। ईरान का साफ कहना है कि अब अस्थायी युद्धविराम की जगह क्षेत्र में एक नई और स्थायी सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com