ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 14 जुलाई 2026 को हॉर्मुज जलडमरूमध्य में दो तेल टैंकरों पर हमला कर दिया। UAE के विदेश मंत्रालय ने जानकारी दी कि Mombasa और Al Bahiyah नाम के दो तेल टैंकरों को ओमान के समुद्री इलाके में ईरान ने मिसाइल से निशाना बनाया। इस दुखद घटना में एक भारतीय नागरिक की मौत हो गई और आठ अन्य लोग घायल हुए, जिनमें से छह भारतीय और दो यूक्रेनी शामिल हैं।
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समुद्र में तनाव और अमेरिका की कार्रवाई
UAE ने इस हमले को समुद्री कानून और संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन बताया है। हमले के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान पर समुद्री नाकेबंदी लागू करने का ऐलान किया और इसे अपनी सुरक्षा जिम्मेदारी बताते हुए सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CentCom) ने 14 जुलाई को शाम 4 बजे से नाकेबंदी लागू कर दी है और ईरान के ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं।
सुरक्षा और आवाजाही पर संकट
ईरान और अमेरिका के बीच चल रही इस तनातनी के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों की आवाजाही पर खतरा मंडरा रहा है। हालांकि इंटरनेशनल मैरीटाइम ऑर्गेनाइजेशन (IMO) ने 13 जुलाई को स्पष्ट किया था कि इस रास्ते से गुजरने के लिए कोई भी टोल या शुल्क नहीं लिया जाना चाहिए, लेकिन अमेरिका ने अब प्रति कार्गो शिपमेंट पर 20 प्रतिशत शुल्क वसूलने का संकेत दिया है। फिलहाल ईरान और अमेरिका दोनों ही इस जलमार्ग का संरक्षक होने का दावा कर रहे हैं, जिससे पूरे क्षेत्र में अनिश्चितता का माहौल बना हुआ है।
