ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) ने 22 जुलाई 2026 को जॉर्डन में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ऑपरेशन नसर 2 के तहत 25वें दौर का हमला किया। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, यह हमला क्षेत्र में जारी तनाव के बीच हुआ है। इसी दौरान अमेरिकी पेंटागन ने आधिकारिक पुष्टि की कि 17 जुलाई को हुए दुश्मन के हमले में लापता हुए 28 वर्षीय सैनिक Sgt. Angel S. Rampersad की मौत हो गई है।
हमलों का सिलसिला और जॉर्डन का रुख
जॉर्डन के सैन्य अधिकारियों ने बताया कि उन्होंने ईरान से आए चार मिसाइल और चार ड्रोन को हवा में ही मार गिराया है। इनमें से दो मिसाइल निर्जन इलाकों में गिरे। जॉर्डन ने इस हमले के विरोध में ईरान के शीर्ष राजनयिक को तलब किया और इसे अनुचित करार दिया है। जुलाई महीने में ईरान और अमेरिकी बलों के बीच आमना-सामना लगातार बढ़ रहा है। 21 जुलाई को हुए 24वें दौर के हमले में ईरान ने अमेरिकी एयर-डिफेंस रडार और F-15 फाइटर जेट को नष्ट करने का दावा किया था।
अमेरिका की जवाबी कार्रवाई
अमेरिकी सेना ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है और 22 जुलाई को लगातार 11वीं रात ईरान के सैन्य अड्डों, ड्रोन स्टोरेज और लॉजिस्टिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर पर जवाबी हमले किए हैं। IRGC ने दावा किया है कि अमेरिका अपने सैनिकों के वास्तविक नुकसान को छिपा रहा है, हालांकि इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है। जॉर्डन के बंदरगाह शहर Aqaba में मिसाइल अलर्ट के सायरन लगातार सुनाई दे रहे हैं, जिससे वहां के स्थानीय निवासियों और प्रवासियों के बीच भी चिंता का माहौल है।
