ईरान ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय आपराधिक न्यायालय (ICC) में मोर्चा खोल दिया है. ईरान के रेड क्रीसेंट सोसाइटी ने मानवीय कानूनों के उल्लंघन के 35 मामले दर्ज कराए हैं. दावा किया गया है कि इन हमलों में हजारों स्कूल और अस्पताल तबाह हुए हैं, जिसके लिए अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर जवाब मांगा जा रहा है.

ईरान ने ICC में क्या सबूत पेश किए हैं?

ईरान के रेड क्रीसेंट सोसाइटी (IRCS) के प्रमुख Pirhossein Koolivand ने बताया कि उन्होंने 35 ‘वॉर क्राइम फाइल्स’ अंतरराष्ट्रीय निकायों को भेजी हैं. ICC के प्रॉसिक्यूटर ने इन दस्तावेजों को आधिकारिक सबूत के तौर पर स्वीकार कर लिया है. ईरान के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 से शुरू हुए सैन्य हमलों में कुल 81,365 नागरिक यूनिट्स को नुकसान पहुँचाया गया है. इनमें प्रमुख रूप से मेडिकल सेंटर, स्कूल और एम्बुलेंस शामिल हैं, जिसे जेनेवा कन्वेंशन का बड़ा उल्लंघन बताया गया है.

मामले को आगे बढ़ाने के लिए ईरान की क्या योजना है?

  • Geneva यात्रा: ईरान के रेड क्रीसेंट सोसाइटी का एक प्रतिनिधिमंडल जून के मध्य में Geneva जाएगा.
  • विशेषज्ञ मीटिंग: मई के दूसरे हफ्ते में अंतरराष्ट्रीय मानवीय कानून विशेषज्ञों के साथ एक ऑनलाइन मीटिंग होगी ताकि इन अपराधों की गहराई से जानकारी दी जा सके.
  • राजनयिक प्रयास: विदेश मंत्री Abbas Araghchi ने UN महासचिव और सुरक्षा परिषद को पत्र लिखकर परमाणु स्थलों पर हुए हमलों की निंदा की है और इसे UN चार्टर का उल्लंघन बताया है.
  • लॉबिंग: IRCS की डिप्टी हेड Razieh Alishvandi ने कहा कि वे इंटरनेशनल फेडरेशन ऑफ रेड क्रॉस और इंटरनेशनल कमेटी ऑफ रेड क्रॉस के साथ रोजाना संपर्क में हैं.

क्या ICC इन मामलों पर सुनवाई कर पाएगा?

कानूनी तौर पर देखा जाए तो ईरान ‘Rome Statute’ का सदस्य नहीं है, जिससे ICC का अधिकार क्षेत्र सीमित हो जाता है. आमतौर पर ICC तब हस्तक्षेप करता है जब संबंधित देश ने इस संधि पर हस्ताक्षर किए हों या घरेलू अदालतें कार्रवाई करने में असमर्थ हों. हालांकि, ICC का प्रॉसिक्यूटर यह तय करता है कि जमा किए गए सबूत कानूनी मापदंडों पर खरे उतरते हैं या नहीं. वहीं, न्यायपालिका के डिप्टी चीफ Nasser Seraj ने बुनियादी ढांचे पर हमलों को ‘पर्यावरणीय नरसंहार’ और युद्ध अपराध करार दिया है.

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने ICC में कितने मामले दर्ज कराए हैं?

ईरान के रेड क्रीसेंट सोसाइटी ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ मानवीय कानून के उल्लंघन के 35 मामले दर्ज कराए हैं, जिन्हें ICC प्रॉसिक्यूटर ने आधिकारिक सबूत मान लिया है.

ईरान के अनुसार हमलों में कितना नुकसान हुआ है?

ईरान का दावा है कि हवाई हमलों में 81,365 नागरिक यूनिट्स क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनमें अस्पताल, स्कूल और एम्बुलेंस जैसे महत्वपूर्ण केंद्र शामिल हैं.