ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे तनाव के बीच एक बड़ी खबर आई है। ईरान ने पाकिस्तान के जरिए अमेरिका के सामने एक नया प्रस्ताव रखा है। यह कोशिश युद्ध को रोकने और शांति लाने के लिए की गई है। पाकिस्तान इस समय दोनों देशों के बीच एक पुल का काम कर रहा है ताकि बातचीत दोबारा शुरू हो सके।

👉: Iran US Deal: ईरान ने अमेरिका के लिए भेजा नया प्रस्ताव, पाकिस्तान बना बिचौलिया, अब देखना होगा ट्रंप का क्या फैसला

ईरान का नया प्रस्ताव और पाकिस्तान की भूमिका क्या है?

ईरान ने 30 अप्रैल 2026 की शाम को पाकिस्तानी मध्यस्थों को एक नया और संशोधित प्रस्ताव सौंपा। इस बात की पुष्टि ईरान की आधिकारिक समाचार एजेंसी IRNA ने की है। पाकिस्तान इस समय एक “पिवोटल बैकचैनल रोल” निभा रहा है, जिसका मतलब है कि वह पर्दे के पीछे रहकर दोनों देशों के बीच बातचीत करा रहा है। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय के प्रवक्ता Tahir Andrabi ने कहा कि डिप्लोमेसी की घड़ी अभी रुकी नहीं है और उन्हें उम्मीद है कि बातचीत से मसला हल हो जाएगा।

बातचीत में क्या मुश्किलें हैं और अमेरिका की शर्त क्या है?

  • अमेरिका की शर्त: राष्ट्रपति Donald Trump ने साफ कहा था कि जब तक ईरान परमाणु हथियार न बनाने की प्रतिबद्धता नहीं जताता, तब तक मिलने का कोई कारण नहीं है।
  • UAE का डर: संयुक्त अरब अमीरात (UAE) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि 호र्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को लेकर ईरान पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
  • ईरान की चेतावनी: ईरान की सेना के प्रवक्ता Brigadier General Mohammad Ekreminiya ने कहा कि वे बातचीत तो कर रहे हैं, लेकिन अगर बात नहीं बनी तो वे लंबे समय तक युद्ध लड़ने के लिए तैयार हैं।

ईरान के अंदरूनी हालात और पाकिस्तान की मदद

खबरें हैं कि ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf विदेश मंत्री Abbas Araghchi को हटाने की सोच रहे हैं। वहीं दूसरी ओर, अमेरिका द्वारा लगाए गए नाकेबंदी के असर को कम करने के लिए पाकिस्तान ने ईरान के लिए छह जमीनी ट्रांजिट रूट खोल दिए हैं। इससे सामान की आवाजाही आसान होगी और ईरान को आर्थिक मदद मिलेगी। बता दें कि अप्रैल 2026 से दोनों देशों के बीच एक युद्धविराम लागू है जिसे समय-समय पर आगे बढ़ाया गया है।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने नया प्रस्ताव कब भेजा और किसने इसकी पुष्टि की?

ईरान ने 30 अप्रैल 2026 की शाम को पाकिस्तान के जरिए नया प्रस्ताव भेजा, जिसकी पुष्टि ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA ने की है।

पाकिस्तान इस विवाद में क्या कर रहा है?

पाकिस्तान अमेरिका और ईरान के बीच मध्यस्थ (Mediator) की भूमिका निभा रहा है और उसने ईरान की मदद के लिए छह नए जमीनी व्यापार मार्ग भी खोले हैं।

Sushma Kumari

Shushma covers Stories Around Expats and Helpful Contents Related to Daily life of Public. She completed Mass Communication Degree From Makhan lal Chaturvedi College Bhopal and Has 3 years of Field Experience. Earlier She Worked with Jagran Media Patna Office and Now Working with GulfHindi.com