ईरान और अमेरिका के बीच चल रहे युद्ध को रोकने के लिए पाकिस्तान की मदद से एक नई कोशिश शुरू हुई है। ईरान ने अमेरिका के सामने 14 पॉइंट्स वाला एक शांति प्रस्ताव रखा है। इस समय हालात काफी नाजुक हैं और दुनिया की नजरें इस बात पर हैं कि क्या यह युद्ध रुक पाएगा या तनाव और बढ़ेगा।

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ईरान ने अपने प्रस्ताव में क्या माँगा है?

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmaeil Baqaei ने कन्फर्म किया है कि उन्होंने अमेरिका को एक जिम्मेदार जवाब भेजा है। ईरान की मुख्य मांग यह है कि अमेरिका उसके ऊपर लगे सभी प्रतिबंधों को पूरी तरह हटाए। इसके अलावा, ईरान ने लेबनान में युद्धविराम और तेल निर्यात पर लगी पाबंदियों को खत्म करने की मांग की है। परमाणु कार्यक्रम को लेकर ईरान ने कहा कि वह एक समय सीमा के बाद 3.6% तक यूरेनियम संवर्धन (enrichment) जारी रखना चाहता है, लेकिन वह अपने परमाणु ढांचे को खत्म करने के लिए तैयार नहीं है।

अमेरिका का रुख और पाकिस्तान की परेशानी

अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान को चेतावनी दी है कि अगर कोई ठोस प्रस्ताव नहीं मिला, तो ईरान को भारी सैन्य नतीजों का सामना करना पड़ेगा। अमेरिका की मांग है कि ईरान परमाणु हथियार न बनाए और कम से कम 12 साल तक यूरेनियम संवर्धन बंद रखे। इस बीच, बिचौलिया बने पाकिस्तान के एक सूत्र ने Reuters को बताया कि दोनों देश अपनी शर्तों को बार-बार बदल रहे हैं, जिससे समझौता करना मुश्किल हो रहा है। Strait of Hormuz बंद होने की वजह से पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर बुरा असर पड़ रहा है, इसलिए पाकिस्तान इस मामले को जल्द सुलझाना चाहता है।

तारीख घटना
28 फरवरी 2026 ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध शुरू हुआ
8 अप्रैल 2026 पाकिस्तान की मदद से दो हफ्ते का युद्धविराम हुआ
10 मई 2026 ईरान ने पहली बार अमेरिकी प्रस्ताव पर जवाब भेजा
18 मई 2026 ईरान ने नया 14 सूत्री संशोधित प्रस्ताव भेजा

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान और अमेरिका के बीच युद्ध कब शुरू हुआ था

यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था। इसके बाद अप्रैल 2026 में पाकिस्तान की मध्यस्थता से कुछ समय के लिए युद्धविराम हुआ था।

पाकिस्तान इस विवाद में क्या भूमिका निभा रहा है

पाकिस्तान दोनों देशों के बीच आधिकारिक मध्यस्थ (mediator) के रूप में काम कर रहा है और शांति प्रस्तावों को एक देश से दूसरे देश तक पहुँचा रहा है।