अमेरिका और ईरान के बीच समुद्री तनाव और बढ़ गया है। अमेरिका ने ईरान के बंदरगाहों की पूरी तरह से नाकाबंदी कर दी है ताकि वहां का व्यापार रोका जा सके। लेकिन अब ईरान का दावा है कि उसका एक बड़ा तेल टैंकर और राशन ले जाने वाला जहाज इस नाकाबंदी को तोड़कर आगे निकल गया। वहीं अमेरिकी कमांड CENTCOM का कहना है कि नाकाबंदी पूरी तरह लागू है और कोई भी जहाज बच नहीं पाया है।
अमेरिका की नाकाबंदी और CENTCOM का दावा क्या है?
CENTCOM के मुताबिक, ईरान के बंदरगाहों पर अमेरिकी नाकाबंदी 13 अप्रैल 2026 को सुबह 10 बजे से शुरू हुई थी। एडमिरल ब्रैड कूपर ने बताया कि मात्र 36 घंटे के अंदर ही ईरान का समुद्री व्यापार पूरी तरह रोक दिया गया। इस पूरी कार्रवाई को अंजाम देने के लिए 10,000 से ज्यादा अमेरिकी सैनिक, युद्धपोत और विमान तैनात किए गए हैं। अमेरिका का कहना है कि बिना अनुमति किसी भी जहाज को आने या जाने नहीं दिया जाएगा, हालांकि मदद के सामान की जांच के बाद उसे अनुमति मिल सकती है।
ईरान ने नाकाबंदी को लेकर क्या कहा?
ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी ने दावा किया है कि उनका एक बहुत बड़ा सुपरटैंकर (VLCC) बिना किसी छिपने के तरीके के स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज़ से गुजरा। यह जहाज करीब 20 लाख बैरल कच्चा तेल ले जाने की क्षमता रखता है और इमाम खुमैनी पोर्ट की तरफ गया। ईरान ने यह भी बताया कि खाने-पीने का सामान ले जाने वाला एक और जहाज फारस की खाड़ी में दाखिल हुआ है। ईरान सरकार का कहना है कि वे नाकाबंदी से बचने के लिए दूसरे रास्तों और बंदरगाहों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
नाकाबंदी और तनाव से जुड़ी मुख्य जानकारी
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| नाकाबंदी शुरू होने की तारीख | 13 अप्रैल 2026 |
| तैनात अमेरिकी सैनिक | 10,000 से ज्यादा |
| CENTCOM का दावा | समुद्री व्यापार पूरी तरह बंद |
| ईरान का दावा | सुपरटैंकर और फूड जहाज निकला |
| मुख्य लक्ष्य बंदरगाह | इमाम खुमैनी पोर्ट |
| मध्यस्थता की कोशिश | पाकिस्तान द्वारा शांति वार्ता |
| अन्य प्रतिबंधित जहाज | Rich Starry और Elpis |
