ईरान और चीन अब मिलकर फारस की खाड़ी (Persian Gulf) में शांति और सुरक्षा लाने की तैयारी कर रहे हैं। ईरान ने चीन द्वारा प्रस्तावित चार सूत्रीय सुरक्षा योजना का समर्थन किया है। बीजिंग में ईरान के राजदूत Abdolreza Rahmani Fazli ने इसकी आधिकारिक पुष्टि की है।

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चीन का 4 सूत्रीय सुरक्षा प्लान क्या है?

चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping ने मिडिल ईस्ट और फारस की खाड़ी में शांति बनाए रखने के लिए चार मुख्य बातें रखी हैं। इस योजना में इन बिंदुओं पर जोर दिया गया है:

  • शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व: खाड़ी देशों के बीच रिश्तों को सुधारना और सुरक्षा का ऐसा ढांचा बनाना जिससे सब मिलजुलकर रह सकें।
  • राष्ट्रीय संप्रभुता: सभी देशों की सीमाओं और उनकी सुरक्षा का पूरा सम्मान करना और वहां के लोगों व संस्थानों को सुरक्षित रखना।
  • अंतरराष्ट्रीय कानून: संयुक्त राष्ट्र (UN) और अंतरराष्ट्रीय कानूनों का पालन करना ताकि दुनिया में व्यवस्था बनी रहे।
  • विकास और सुरक्षा: यह मानना कि बिना सुरक्षा के विकास नहीं हो सकता और विकास से ही सुरक्षा मजबूत होती है।

ईरान और चीन के बीच क्या बातचीत हुई?

इस योजना पर ईरान की सहमति के बाद दोनों देशों के विदेश मंत्रियों के बीच भी मुलाकात हुई। ईरान के विदेश मंत्री Seyyed Abbas Araghchi ने चीनी विदेश मंत्री Wang Yi के साथ बातचीत की। ईरान ने चीन पर भरोसा जताया है कि वह इस क्षेत्र में शांति लाने और बाहरी देशों द्वारा थोपे गए संघर्षों को रोकने में सकारात्मक भूमिका निभाएगा। यह पूरा मामला 11 मई 2026 को सामने आया जब बीजिंग में ईरान के राजदूत ने सोशल मीडिया पर इसकी जानकारी साझा की।

Frequently Asked Questions (FAQs)

ईरान ने किस योजना का समर्थन किया है?

ईरान ने चीन के राष्ट्रपति Xi Jinping द्वारा प्रस्तावित चार सूत्रीय सुरक्षा योजना का समर्थन किया है ताकि फारस की खाड़ी में शांति और साझा विकास हो सके।

इस सुरक्षा योजना के मुख्य बिंदु क्या हैं?

इसमें शांतिपूर्ण सह-अस्तित्व, देशों की संप्रभुता का सम्मान, अंतरराष्ट्रीय कानून का पालन और सुरक्षा के साथ विकास को संतुलित करना शामिल है।