ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अलीके जनाजे पर इतने भारी संख्या में लोगनिकले की दुनिया भर मेंकिसी भीसुप्रीम लीडर की अंतिम विदाई के लिए एकजुट हुए लोगों की संख्या का एक अलग रिकॉर्ड बन गया.जो अब देश अब तकईरान को हसीए पर रखते थेवह भी अपने आप को इस विशाल सभा में आने से रोक नहीं पाए.
ईरान के लोगों नेअंतिम विदाई के समय यहसंदेश पूरी दुनिया को दिया कि निदान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामिनी की मौत भले भौतिक दुनिया में हो गई हो लेकिन ईरान के लोगों के दिलों में वह आज भी स्वस्थ हैं और ईरान की कमान संभाल रहे हैं. लोगों ने उन्हें अपना प्रेरणा स्रोत बताया और इतना ही नहीं ईरान के मजबूती से अमेरिका के सामने खड़े रहने के पीछे का मोटिवेशन भी ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर को ही बताया.
ईरान ने अपने सारे कारनामों से यह साफ कर दिया कि किसी भी प्रकार से वह अमेरिकी दबाव के अंतर्गत आकर किसी भी प्रकार से देश के लोगों और देश के संप्रभुता से कभी समझौता नहीं करेंगे. महजएक लीडर के खड़े हो जाने के वजह से आज ईरान को देखने की नजरे और नजरिया दोनों दुनिया के लिए बदल चुका है.
एक और जहां कहे जाने वाले दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका है तो वहीं दूसरी तरफ अकेले ईरान ने पूरी दुनिया से अमेरिका के साथ-साथ लोहा ले लिया और अपने शर्तों पर युद्ध विराम को लागू करवाया.
