ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खमेनेई और उनके परिवार के सदस्यों का अंतिम संस्कार शुरू हो गया है. उनके पार्थिव शरीर को কোম शहर की पवित्र जामकरन मस्जिद लाया गया है, जहां हज़ारों लोग उन्हें आखिरी विदाई देने के लिए जमा हुए हैं. यह पूरा कार्यक्रम उस हमले के बाद हो रहा है जिसमें उनकी जान गई थी.

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7 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे जामकरन मस्जिद में जनाज़े की नमाज़ पढ़ी गई. इस नमाज़ की अगुवाई ग्रैंड अयातुल्ला अब्दुल्ला जावदी अमोलि ने की. मस्जिद के अंदर और बाहर सड़कों पर भारी भीड़ देखी गई, जिसमें बड़े धार्मिक गुरु, परिवार के सदस्य और आम ईरानी लोग शामिल थे.

सरकारी जानकारी के मुताबिक, अयातुल्ला अली खमेनेई और उनके परिवार के चार सदस्यों की मौत 28 फरवरी 2026 को एक अमेरिकी-इजराइली हवाई हमले में हुई थी. ईरान सरकार ने 1 मार्च को उनकी मौत की पुष्टि की थी. सैन्य तनाव की वजह से अंतिम संस्कार में देरी हुई और अब इसे 4 से 9 जुलाई के बीच तय किया गया है.

अंतिम संस्कार के कार्यक्रम का पूरा ब्यौरा इस प्रकार है:

  • 6 जुलाई: तेहरान में बड़ा जुलूस निकाला गया, जिसमें ट्रक के जरिए पार्थिव शरीर ले जाए गए.
  • 7 जुलाई: কোম शहर की जामकरन मस्जिद में नमाज़-ए-जनाज़ा और विदाई समारोह हुआ.
  • 8 जुलाई: इराक के पवित्र शहरों नजफ और कर्बला में यादगारी जुलूस निकाले जाएंगे.
  • 9 जुलाई: मशहद के इमाम रज़ा मंदिर में अली खमेनेई को दफनाया जाएगा.

ईरान के इंटेलिजेंस मंत्रालय ने इस हमले को इतिहास का सबसे बड़ा आतंकवादी अपराध बताया है और बदला लेने की कसम खाई है. जुलूस के दौरान लोगों ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की.

वहीं, नए सुप्रीम लीडर मुजतबा खमेनेई अभी तक किसी भी सार्वजनिक समारोह में नज़र नहीं आए हैं. उनके स्वास्थ्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं, क्योंकि कहा जा रहा है कि 28 फरवरी के हमले में वे भी घायल हुए थे.

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.