ईरान की राजधानी तेहरान में सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की अंतिम विदाई के लिए लाखों की भीड़ जमा हुई. Imam Khomeini Grand Mosque जिसे Grand Mosalla भी कहा जाता है, वहां आयोजित इस जनाज़े में लोगों का भारी सैलाब उमड़ पड़ा. यह मौका बेहद भावुक था और पूरी दुनिया की नज़रें इस समारोह पर टिकी रहीं.
यह जनाज़ा शनिवार, 4 जुलाई 2026 को शुरू हुआ. बता दें कि Ayatollah Ali Khamenei की मौत 28 फरवरी 2026 को एक अमेरिकी-इसराइली हवाई हमले में हुई थी. युद्ध की स्थिति और अमेरिकी आक्रमण की वजह से उनके अंतिम संस्कार में चार महीने की देरी हुई. ईरान सरकार ने जानबूझकर इस तारीख को चुना क्योंकि इस दिन अमेरिका का स्वतंत्रता दिवस था.
इस दुखद हमले में सिर्फ सुप्रीम लीडर ही नहीं, बल्कि उनकी बेटी, दामाद और 14 महीने की पोती की भी मौत हुई थी. उनके ताबूत भी सम्मान के साथ साथ में रखे गए. अब उनके बेटे Ayatollah Mojtaba Khamenei ने नए सुप्रीम लीडर के रूप में कमान संभाल ली है.
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने सभी नागरिकों से इस समारोह में शामिल होने की अपील की ताकि देश की एकता दिखाई जा सके. भीड़ को संभालने के लिए प्रशासन ने खास इंतजाम किए और गर्मी को देखते हुए लोगों को ठंडा पानी और ड्रिंक्स दिए गए ताकि कोई परेशानी न हो.
इस अंतिम विदाई में 30 से ज़्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें भारत, रूस, चीन और पाकिस्तान जैसे देश शामिल हैं. इसके अलावा Hamas और Hezbollah के प्रतिनिधि भी वहां मौजूद थे. भीड़ में मौजूद लोग अमेरिका और इसराइल के खिलाफ जमकर नारेबाजी कर रहे थे.
अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस मौके पर कहा कि उन्होंने ईरान को इन रस्मों के लिए एक हफ्ते की छूट दी है. वहीं, कतर और पाकिस्तान के मध्यस्थों ने बताया कि ईरान और अमेरिका के बीच होने वाली बातचीत अब इस समारोह के खत्म होने के बाद दोबारा तय की जाएगी.
तेहरान के बाद अब उनके पार्थिव शरीर को Qom और फिर इराक के Najaf और Karbala ले जाया जाएगा. अंत में 9 जुलाई को उन्हें Mashhad की Imam Reza श्राइन में दफनाया जाएगा.
