ईरान में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है. इस्लामिक रिवोल्यूशन के लीडर अयातुल्ला सैयद मुजतबा खामेनेई ने अपनी सेना को दुश्मनों की हरकतों का सामना करने के लिए नए और सख्त निर्देश दिए हैं. यह आदेश ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इसराइल के साथ ईरान के संबंध काफी खराब चल रहे हैं और युद्ध जैसी स्थिति बन रही है.
सेना की तैयारी और लीडर का आदेश
10 मई 2026 को अयातुल्ला खामेनेई ने ईरानी सेना के अधिकारियों के साथ एक अहम बैठक की. इस मीटिंग में खातम अल-अम्बिया सेंट्रल हेडक्वार्टर्स के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही ने सेना की तैयारी की रिपोर्ट पेश की. अब्दोल्लाही ने बताया कि ईरानी सेना का मनोबल बहुत ऊंचा है और वे रक्षा और हमले दोनों के लिए पूरी तरह तैयार हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर अमेरिका या इसराइल ने कोई भी रणनीतिक गलती की या हमला किया, तो ईरान उसका जवाब बहुत तेज़ी से और ताकत के साथ देगा.
किन सेनाओं को मिला यह नया निर्देश
लीडर द्वारा दिए गए ये निर्देश ईरान की सभी मुख्य सैन्य शक्तियों के लिए हैं. इसमें निम्नलिखित विभाग शामिल हैं:
- ईरानी आर्मी और इस्लामिक रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC)
- लॉ एनफोर्समेंट फोर्सेज और बॉर्डर गार्ड फोर्सेज
- रक्षा मंत्रालय (Ministry of Defense)
- बशिज वॉलंटियर फोर्सेज
इन सभी बलों को अपनी रणनीतियों को और मजबूत करने और लीडर के आदेशों का पूरी तरह पालन करने को कहा गया है ताकि देश की संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों की रक्षा की जा सके.
अमेरिका और इसराइल के साथ बढ़ता विवाद
ईरान और अमेरिका के बीच हाल के दिनों में कई झड़पें हुई हैं. 10 मई को ईरान के संसदीय प्रवक्ता ने कहा कि अब ईरान का सब्र खत्म हो चुका है. उन्होंने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने फिर से नियमों का उल्लंघन किया, तो ईरान अमेरिकी सैन्य ठिकानों और जहाजों पर हमला करेगा. इसके अलावा, यह भी खबर आई है कि अयातुल्ला खामेनेई की सेहत अच्छी है और वे पूरी तरह सक्रिय होकर सैन्य रणनीति तैयार कर रहे हैं.
Frequently Asked Questions (FAQs)
ईरान ने किन देशों को चेतावनी दी है?
ईरान ने अमेरिका और इसराइल को चेतावनी दी है कि किसी भी तरह के आक्रमण या रणनीतिक गलती का जवाब बहुत शक्तिशाली और निर्णायक तरीके से दिया जाएगा.
ईरानी सेना की वर्तमान स्थिति क्या है?
मेजर जनरल अली अब्दोल्लाही के अनुसार, सेना का मनोबल ऊंचा है और वे हथियारों, उपकरणों और रणनीतिक योजना के मामले में किसी भी हमले का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं.
