ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार की तैयारियां ज़ोरों पर हैं और इस मौके पर दुनिया भर के करीब 100 देशों के प्रतिनिधि तेहरान पहुंच रहे हैं. इसी बीच OPEC के महासचिव Haitham Al Ghais ने ईरान के पेट्रोलियम मंत्री Mohsen Paknejad को एक पत्र लिखकर अपनी गहरी संवेदनाएं भेजी हैं. यह पत्र 3 जुलाई 2026 को लिखा गया, जिसमें ईरान के नेतृत्व और वहां के लोगों के प्रति सहानुभूति जताई गई है.
देरी से हो रहा है अंतिम संस्कार
सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei की हत्या 28 फरवरी 2026 को हुई थी और 1 मार्च को उनकी मौत की पुष्टि की गई थी. अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे युद्ध की वजह से उनके अंतिम संस्कार में चार महीने से ज़्यादा की देरी हुई. अब जुलाई के पहले हफ्ते में उनके जनाजे की रस्में निभाई जा रही हैं.
जनाजे का पूरा शेड्यूल और जगह
अंतिम विदाई की रस्में अलग-अलग शहरों में तय की गई हैं:
- 2 से 4 जुलाई: तेहरान के Imam Khomeini Grand Mosalla में आम जनता उन्हें विदाई दे रही है.
- 5 या 6 जुलाई: तेहरान में मुख्य जनाजे का जुलूस निकाला जाएगा.
- 6 या 7 जुलाई: पवित्र शहर Qom में धार्मिक रस्में पूरी होंगी.
- 8 जुलाई: इराक के नजफ और कर्बला शहरों में विदाई कार्यक्रम होंगे.
- 8 या 9 जुलाई: मशहद के Imam Reza Shrine में उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा.
दुनिया भर के बड़े नेताओं का जमावड़ा
ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता Esmail Baqaei ने बताया कि करीब 100 देशों के प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचे हैं. इनमें रूस, चीन, पाकिस्तान, भारत, जॉर्जिया और क्यूबा जैसे देशों के बड़े अधिकारी शामिल हैं. रूस के पूर्व राष्ट्रपति Dmitry Medvedev और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif भी इस मौके पर मौजूद हैं. हालांकि, पश्चिमी देशों के नेता इस कार्यक्रम से काफी हद तक गायब हैं.
सुरक्षा के कड़े इंतजाम और भीड़ का डर
ईरानी अधिकारियों का अनुमान है कि इस जनाजे में 1.5 करोड़ से 2 करोड़ लोग शामिल हो सकते हैं, जो इसे ईरान के इतिहास का सबसे बड़ा राजकीय अंतिम संस्कार बना सकता है. सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं और लोगों को भीड़ और गर्मी से बचने की चेतावनी दी गई है. तेहरान के ग्रैंड मोसल्ला में लोग “अमेरिका की मौत” जैसे नारे लगा रहे हैं.
एक बड़ी खबर यह भी है कि नए सुप्रीम लीडर और दिवंगत नेता के बेटे Mojtaba Khamenei भी फरवरी के हवाई हमले में घायल हुए थे. सुरक्षा कारणों की वजह से उनके सार्वजनिक रूप से सामने आने की उम्मीद कम है.
