ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर Ayatollah Ali Khamenei के अंतिम संस्कार और जनाज़े की तारीख़ तय कर दी गई है। 3 जुलाई से 9 जुलाई के बीच ईरान और इराक के कई शहरों में प्रार्थना सभाएं और जुलूस निकाले जाएंगे। इस ऐतिहासिक आयोजन में करोड़ों लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई गई है।

अंतिम संस्कार का पूरा शेड्यूल

सरकारी जानकारी के मुताबिक, 3 जुलाई को सुप्रीम लीडर का पार्थिव शरीर Tehran के Grand Mosalla पहुँचा। 4 और 5 जुलाई को Tehran के Grand Imam Khomeini Mosalla प्रार्थना हॉल में विदाई समारोह होंगे, जहाँ दुनिया भर के नेता और विद्वान उन्हें श्रद्धांजलि देंगे।

6 जुलाई को Tehran में एक बहुत बड़ा सार्वजनिक जुलूस निकलेगा। यह जुलूस Imam Hossein Square से Azadi Square तक जाएगा, जिसकी लंबाई करीब छह मील है। प्रशासन को उम्मीद है कि इस जुलूस में करीब 2 करोड़ लोग शामिल होंगे। उनके साथ उनके परिवार के चार सदस्यों को भी दफनाया जाएगा।

  • 7 जुलाई: पवित्र शहर Qom में प्रार्थना और समारोह होंगे।
  • 8 जुलाई: जनाज़ा इराक जाएगा, जहाँ Najaf और Karbala के पवित्र शहरों में कार्यक्रम होंगे।
  • 9 जुलाई: शरीर को वापस ईरान लाकर Mashhad के Imam Reza Shrine में दफनाया जाएगा।

कौन-कौन होगा शामिल

इस कार्यक्रम में 100 से ज़्यादा देशों के प्रतिनिधि शामिल होंगे। भारत से विदेश राज्य मंत्री Pabitra Margherita और बिहार के राज्यपाल Syed Ata Hasnain शामिल होने वाले हैं। इसके अलावा पूर्व मंत्री Salman Khurshid और अन्य राजनीतिक हस्तियों के आने की भी उम्मीद है।

पाकिस्तान के प्रधानमंत्री Shehbaz Sharif एक उच्च स्तरीय प्रतिनिधिमंडल के साथ आएंगे। रूस की ओर से Dmitry Medvedev और चीन से He Wei शामिल होंगे। अफगानिस्तान के तालिबान प्रशासन के विदेश मंत्री भी इस कार्यक्रम का हिस्सा होंगे। हालांकि, अमेरिका, ब्रिटेन, इज़राइल, कनाडा और यूरोपीय संघ के नेताओं को इस समारोह में आमंत्रित नहीं किया गया है।

सुरक्षा और आम जनता पर असर

ईरान सरकार ने 4 जुलाई से 7 जुलाई तक Tehran में सार्वजनिक छुट्टियां घोषित की हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और सेना के साथ-साथ पुलिस बल को हाई अलर्ट पर रखा गया है। Tehran का हवाई रास्ता (airspace) शुक्रवार से आंशिक रूप से और सोमवार को पूरी तरह से बंद रहेगा।

ताज़ा अपडेट के मुताबिक, इस दौरान अमेरिका और ईरान के बीच चल रही शांति वार्ता को भी रोक दिया गया है। वहीं, कुछ रिपोर्ट्स के अनुसार प्रशासन स्थानीय दुकानदारों और कर्मचारियों पर समारोह में शामिल होने का दबाव बना रहा है।