ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई (Ayatollah Ali Khamenei) का पार्थिव शरीर आज 9 जुलाई 2026 को मश्हद शहर पहुँचा। यहाँ आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। पिछले छह दिनों से ईरान और इराक में उनके सम्मान में राजकीय शोक मनाया जा रहा था, जिसका समापन अब मश्हद में होगा।
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अयातुल्ला खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के एक संयुक्त हवाई हमले में हुई थी। उनके अंतिम संस्कार को सुरक्षा कारणों और भारी भीड़ की व्यवस्था की वजह से कई बार टाला गया। इस्लामिक कानून के तहत युद्ध के समय दफनाने में देरी की छूट होती है, जिसके कारण यह कार्यक्रम जुलाई में आयोजित किया गया। खामेनेई की इच्छा थी कि उन्हें मश्हद की इमाम रज़ा दरगाह (Shrine of Imam Reza) में दफनाया जाए।
इस जनाजे में लाखों लोगों के जुटने की उम्मीद थी, जिसके चलते तेहरान, কোম और मश्हद में पांच सार्वजनिक छुट्टियां घोषित की गईं। तेहरान और কোম के बाद इराक के पवित्र शहरों नजफ और करबला में भी प्रार्थनाएं हुईं। उनके साथ परिवार के चार अन्य सदस्य—डॉ. मिसबाह अल-हुदा बाकरी कानी, सय्यिदा बुशरा होसैनी खामेनेई, ज़हरा हद्दाद आदिल और ज़हरा मोहम्मदी गोलपेयगानी को भी दफनाया जा रहा है।
खामेनेई के बेटे मुजतबा खामेनेई (Mojtaba Khamenei) को 8 मार्च 2026 को नया सुप्रीम लीडर नियुक्त किया गया था, हालांकि हमले के बाद से वह अब तक सार्वजनिक रूप से सामने नहीं आए हैं। वहीं, आज फिर से ईरान पर अमेरिकी हमलों की खबरें आ रही हैं, जो होर्मुज़ जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में जहाजों पर हुए हमलों का बदला बताया जा रहा है।
