ईरान की राजधानी तेहरान में माहौल गमगीन है क्योंकि पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्ला खामेनेई का ताबूत वहां पहुंच गया है। इसी बीच ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड कोर (IRGC) के नए कमांडर अहमद वहिदी पहली बार लोगों के सामने नजर आए। यह सब अमेरिका और इसराइल के साथ चल रहे तनाव और युद्ध के बीच हो रहा है।
अयातुल्ला खामेनेई का ताबूत तेहरान के इमाम खुमैनी हुसैनीया पहुंचा है, जहां कई बड़े अधिकारी उन्हें श्रद्धांजलि देने पहुंचे। सरकारी जानकारी के मुताबिक, 28 फरवरी 2026 को अमेरिका और इसराइल के एक साझा सैन्य ऑपरेशन में उनकी मौत हुई थी। उनकी मौत के बाद ईरान सरकार ने 40 दिनों के सार्वजनिक शोक की घोषणा की थी। उनका राजकीय अंतिम संस्कार 4 जुलाई से शुरू होकर 9 जुलाई 2026 तक चलेगा, जिसमें तेहरान के अलावा কোম, इराक और मशहद में भी कार्यक्रम होंगे।
नेतृत्व में बदलाव की बात करें तो खामेनेई की मौत के बाद उनके बेटे मुजतबा खामेनेई को 8 मार्च 2026 को नया सुप्रीम लीडर चुना गया। वहीं, IRGC की कमान अब अहमद वहिदी के हाथों में है। वहिदी ने 1 मार्च 2026 को कमांडर-इन-चीफ का पद संभाला। इससे पहले मोहम्मद पाकपुर इस पद पर थे, जिनकी मौत 28 फरवरी के हमलों में हुई थी। अहमद वहिदी इससे पहले 2021 से 2024 तक ईरान के आंतरिक मंत्री रह चुके हैं।
अमेरिका और इसराइल ने ईरान के खिलाफ ‘एपिक फ्यूरी’ नाम से सैन्य ऑपरेशन चलाया था। फिलहाल कतर और पाकिस्तान की मध्यस्थता से अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत चल रही है। दोनों देशों के बीच 17 जून 2026 को 60 दिनों के युद्धविराम के लिए एक समझौता हुआ था। हालांकि, अयातुल्ला खामेनेई के अंतिम संस्कार की रस्मों की वजह से इन बातचीत को फिलहाल रोक दिया गया है।
इस पूरे विवाद की वजह से हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव बढ़ गया है। ईरान ने वहां से गुजरने वाले तेल टैंकरों को चेतावनी दी है कि वे केवल तेहरान द्वारा तय किए गए रास्तों का ही पालन करें।