ईरान के सुप्रीम लीडर Ayatollah Seyyed Ali Khamenei की नमाज़-ए-जनाज़ा तेहरान के Grand Mosalla में आयोजित की गई। इस प्रार्थना सेवा का नेतृत्व 97 साल के वरिष्ठ धर्मगुरु Ayatollah Jafar Sobhani ने किया। इस मौके पर तेहरान में लाखों की संख्या में लोग जमा हुए।
ईरानी सरकार ने 5 जुलाई 2026 को पूरे देश में सार्वजनिक अवकाश घोषित किया था। यह फैसला अलग-अलग प्रांतों से मिली भारी मांग के बाद लिया गया। IRNA न्यूज़ एजेंसी ने इस पूरी प्रक्रिया का वीडियो भी जारी किया है जिसमें प्रार्थना करते लोगों को देखा जा सकता है।
नमाज़ के दौरान भारी भीड़ ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ नारे लगाए। Ayatollah Khamenei के ताबूत को उनके परिवार के चार अन्य मृत सदस्यों के साथ एक कांच के बक्से में रखा गया था। इस समारोह में वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों और राज्य अधिकारियों के साथ-साथ Hezbollah, Hamas और यमन के Houthi आंदोलन के प्रतिनिधि भी शामिल हुए।
बता दें कि Ayatollah Khamenei की मौत 28 फरवरी 2026 को एक अमेरिकी-इसराइली हवाई हमले में हुई थी। युद्ध जैसी स्थितियों और अमेरिकी हमले के कारण अंतिम संस्कार में कुछ महीनों की देरी हुई। उनकी अंतिम यात्रा 3-4 जुलाई से शुरू हुई और 9 जुलाई 2026 को Mashhad में उनकी दफ़नाने की प्रक्रिया पूरी होगी।
इस कार्यक्रम में उनके बेटे Mojtaba Khamenei नज़र नहीं आए, जिन्हें उसी हमले में चोटें आई थीं। सुरक्षा कारणों से उन्हें सार्वजनिक रूप से सामने नहीं लाया गया। दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने कहा कि वह समारोह में शामिल होने वाले अधिकारियों को निशाना नहीं बनाएंगे ताकि ईरान के साथ बातचीत जारी रह सके।
