ईरान के पूर्व सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई का जनाज़ा 8 जुलाई 2026 को इराक के पवित्र शहर नजफ़ पहुँचा है। यहाँ एक प्रतीकात्मक जुलूस निकाला जा रहा है। तय योजना के मुताबिक उनका जनाज़ा नजफ़ और कर्बला के पवित्र स्थलों पर जाएगा, जहाँ इमाम अली और इमाम हुसैन के मज़ारों पर उन्हें श्रद्धांजलि दी जाएगी।

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अयातुल्लाह खामेनेई की मौत 28 फरवरी 2026 को हुई थी। खबरों के मुताबिक अमेरिका और इसराइल के बीच चल रहे संघर्ष के दौरान हुए हवाई हमलों में उनकी जान गई। उनका सरकारी अंतिम संस्कार 3 जुलाई को तेहरान में शुरू हुआ था, जहाँ उनके पार्थिव शरीर को ग्रैंड मोसल्ला में रखा गया था।

इस अंतिम विदाई में भारी भीड़ उमड़ी है। केवल 6 जुलाई को तेहरान में करीब 1.2 करोड़ से 1.5 करोड़ लोग शामिल हुए। अनुमान है कि पूरे अंतिम संस्कार के दौरान कुल 1.5 करोड़ से 3 करोड़ लोग जुटेंगे। इस मौके पर कई देशों और संगठनों के प्रतिनिधि भी पहुँचे हैं, जिनमें शामिल हैं:

  • इराक, अफगानिस्तान और पाकिस्तान
  • भारत
  • हमास और हिजबुल्लाह

अंतिम संस्कार की यह पूरी प्रक्रिया 9 जुलाई को मशहद में समाप्त होगी। मशहद अयातुल्लाह खामेनेई का जन्मस्थान है और उन्हें वहीं इमाम रज़ा के पवित्र मज़ार में दफनाया जाएगा। इससे पहले उनका जनाज़ा तेहरान, কোম और इराक के अलग-अलग शहरों से होकर गुज़रा है।

Aanya

Aanya is Ex IndiaTV Journalist. She covers Expats oriented news, views and interviews With deep understanding of what Hindi Speaking people needs as updates in daily life to avoid fines, comply rules and stay updated.