Iran News: ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने किए बड़े सैन्य बदलाव, कई नए कमांडर्स की हुई नियुक्ति.

ईरान की राजनीति और सेना में इस समय बहुत बड़े बदलाव देखने को मिल रहे हैं। ईरान के सर्वोच्च नेता Ayatollah Mojtaba Khamenei ने 10 August 2026 को देश की सेना और अर्धसैनिक बलों के कई बड़े पदों पर नए लोगों की नियुक्ति के आदेश जारी किए। आधिकारिक ईरानी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार इन बदलावों का मुख्य उद्देश्य देश की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और अपनी स्थिति को पूरी तरह से संभालना है। इन सभी फैसलों से साफ पता चलता है कि सरकार पूरी तरह से अपनी पकड़ मजबूत करने में लगी हुई है ताकि अंदरूनी और बाहरी दबावों का सामना किया जा सके।
प्रमुख सैन्य पदों पर हुई नई नियुक्तियां
जारी किए गए आदेशों के मुताबिक Major General Ahmed Vahidi को IRGC यानी इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्स का नया कमांडर-इन-चीफ बनाया गया है। इसके अलावा Hossein Taeb को बासिज अर्धसैनिक बलों का प्रमुख नियुक्त किया गया है और Ali Azamayi को IRGC नेवी का कमांडर बनाया गया है। देश की मुख्य सेना में भी फेरबदल करते हुए Ali Abdollahi को आर्म्ड फोर्सेस का चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है जबकि Kioumars Heydari को उनका डिप्टी नियुक्त किया गया है। इन सभी बदलावों के बारे में अधिक जानकारी आप Uniindia की रिपोर्ट में देख सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि ये सभी नियुक्तियां बहुत सोच-समझकर की गई हैं। हाल के दिनों में अमेरिका और इजराइल के हमलों की वजह से सेना में कई बड़े पद खाली हो गए थे। रिपोर्ट्स के अनुसार 28 February से शुरू हुई जंग के दौरान पिछले कमांडर्स की जान चली गई थी जिसके बाद इन नए चेहरों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। उदाहरण के लिए नए कमांडर वाहिदी पहले डिप्टी कमांडर के तौर पर काम कर रहे थे और अब उन्हें मोहम्मद बाकपूर के निधन के बाद मुख्य कमान मिल गई है। इसी तरह अली अब्दुल्लाही ने अब्दोलरहीम मौसावी की जगह ली है जो हमलों में मारे गए थे।
सुरक्षा परिषद और सरकार के बीच अहम बैठक
इन सैन्य बदलावों से ठीक पहले सर्वोच्च नेता खामेनेई ने 9 August 2026 को Mohsen Rezaei को सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल का सचिव भी नियुक्त किया था। इन तमाम प्रशासनिक बदलावों के पीछे एक बड़ा कारण यह भी है कि सरकार देश के अंदर अपनी ताकत दिखाना चाहती है और आने वाले समय में सैन्य खर्च को भी बढ़ाया जा सकता है। इन सभी फैसलों से पहले देश के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian और मोजतबा खामेनेई के बीच करीब सात घंटे तक लंबी बैठक हुई थी। इस अहम बैठक में मुख्य रूप से युद्ध के परिणामों, आर्थिक हालात, महंगाई और देश में आपसी एकता बनाए रखने जैसे गंभीर मुद्दों पर खुलकर चर्चा की गई थी।