ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने एक संबोधन के दौरान अमेरिका और इज़राइल पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि इन देशों ने ईरान की जनता को लेकर बहुत बड़ी गलतफहमी पाल रखी थी। उनके अनुसार, हमलावरों का सोचना था कि हमलों के बाद ईरानी जनता विद्रोह कर देगी, जो कि पूरी तरह गलत साबित हुआ।

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अमेरिका और इज़राइल की क्या थी गलतफहमी?

सुप्रीम लीडर ने बताया कि अमेरिका और इज़राइल को लगा था कि ईरान पर हमले के एक-दो दिन के भीतर ही वहां की जनता अपनी सरकार को गिरा देगी। यह सोचकर हमले किए गए थे कि देश के अंदरूनी हालात बिगड़ जाएंगे। खामेनेई ने इसे एक gross miscalculation कहा है जिसका मतलब है कि उनकी रणनीति और अंदाज़ा पूरी तरह से फेल हो गया।

ईरान की वर्तमान स्थिति पर क्या बोले सुप्रीम लीडर?

Mojtaba Khamenei ने ज़ोर देकर कहा कि ईरानी लोग अपनी सरकार के साथ हैं और बाहरी हमलों से देश में कोई बड़ा विद्रोह नहीं हुआ। उन्होंने पश्चिमी देशों को चेतावनी दी कि वे ईरान की ज़मीनी हकीकत को समझने में नाकाम रहे हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब क्षेत्र में तनाव काफी बढ़ा हुआ है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी चर्चा हो रही है।