ईरान के सर्वोच्च नेता का बड़ा बयान, कहा अमेरिका और इज़राइल से जंग नहीं चाहते लेकिन अधिकारों से समझौता नहीं करेंगे
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई ने साफ़ कर दिया है कि उनका देश अमेरिका और इज़राइल के साथ किसी भी तरह की जंग की शुरुआत नहीं करना चाहता है। अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के 40 दिन पूरे होने पर उन्होंने एक लिखित संदेश जारी किया। उन्होंने कहा कि ईरान शांति चाहता है लेकिन अपने देश के अधिकारों और सम्मान के साथ कोई समझौता नहीं करेगा। यह बयान सरकारी टीवी पर प्रसारित किया गया है।
मोजतबा खामेनेई ने अपने संदेश में क्या कहा है?
मोजतबा खामेनेई ने साफ़ तौर पर कहा कि उन्होंने कभी युद्ध नहीं चाहा और अब भी इसे नहीं चाहते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि ईरान अपने वैध अधिकारों का त्याग किसी भी कीमत पर नहीं करेगा। उन्होंने पूरे प्रतिरोध मोर्चे को एकजुट बताया और कहा कि होरमुज़ जलडमरूमध्य का प्रबंधन अब एक नए चरण में प्रवेश करेगा। ईरान के सरकारी मीडिया ने यह भी साफ़ किया है कि सर्वोच्च नेता पूरी तरह स्वस्थ हैं और शासन पर उनका पूरा नियंत्रण है।
ईरान और क्षेत्र के ताज़ा हालात की मुख्य जानकारी
| विषय | विवरण |
|---|---|
| सर्वोच्च नेता का पद | मोजतबा खामेनेई 8 मार्च 2026 से पद पर हैं |
| पूर्व नेता का निधन | अयातुल्ला अली खामेनेई का निधन 28 फरवरी 2026 को हुआ था |
| युद्धविराम की स्थिति | पाकिस्तान की मध्यस्थता के बाद भी लेबनान हमलों से तनाव बना हुआ है |
| विदेश मंत्री का बयान | अमेरिका को युद्धविराम और इज़राइल के समर्थन में से एक चुनना होगा |
| होरमुज़ जलडमरूमध्य | प्रबंधन के नए चरण में प्रवेश की घोषणा की गई है |
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने लेबनान में हुए हालिया हमलों को देखते हुए कहा है कि ऐसी स्थिति में बातचीत करना फ़िलहाल अर्थहीन है। क्षेत्र में तनाव कम करने के लिए अमेरिकी राष्ट्रपति की ओर से युद्धविराम की कोशिशें की गई थीं, लेकिन ज़मीनी हालात अभी भी चिंताजनक बने हुए हैं। आम लोगों के लिए यह खबर इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे खाड़ी देशों की सुरक्षा और वैश्विक बाज़ारों पर सीधा असर पड़ता है।




