ईरान के सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei का बड़ा बयान, बोले जंग नहीं चाहते लेकिन हक भी नहीं छोड़ेंगे
ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने एक कड़ा संदेश जारी किया है। उन्होंने साफ़ कहा कि ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन अपने अधिकारों से समझौता भी नहीं करेगा। यह संदेश राज्य टेलीविजन के जरिए देश और दुनिया तक पहुंचाया गया है।
Mojtaba Khamenei ने अपने संदेश में क्या मुख्य बातें कहीं?
- उन्होंने एलान किया कि ईरान ने अमेरिका और इसराइल के खिलाफ एक निर्णायक जीत हासिल की है।
- कहा कि हमलावरों को सजा मिलेगी और ईरान अपनी जान-माल के नुकसान का मुआवजा मांगेगा।
- उन्होंने लोगों से अपील की कि वे सड़कों पर अपना विरोध जारी रखें क्योंकि इससे बातचीत पर असर पड़ता है।
- उन्होंने लेबनान के Hezbollah समेत पूरे ‘प्रतिरोध मोर्चे’ को एक इकाई बताया है।
Strait of Hormuz और युद्ध विराम पर क्या अपडेट है?
Mojtaba Khamenei ने घोषणा की कि Strait of Hormuz के मैनेजमेंट में अब एक नया दौर शुरू होगा। हालांकि, इस नए बदलाव की पूरी जानकारी नहीं दी गई है। वहीं, अमेरिका के साथ दो हफ्ते के लिए एक नाजुक युद्ध विराम (ceasefire) पर सहमति बनी है, जिससे शांति वार्ता की उम्मीद जगी है। लेकिन इसराइल का कहना है कि यह युद्ध विराम लेबनान पर लागू नहीं होगा और वह Hezbollah पर हमले जारी रखेगा।
इस बयान का समय और संदर्भ क्या है?
यह संदेश पूर्व सुप्रीम लीडर Ali Khamenei की मौत के 40वें दिन जारी किया गया। Ali Khamenei की मौत अमेरिका और इसराइल के हमलों के दौरान हुई थी। Mojtaba Khamenei ने अपनी नियुक्ति के बाद से अब तक सार्वजनिक रूप से कोई दर्शन नहीं दिए हैं और वे केवल लिखित संदेशों के जरिए ही बात कर रहे हैं। उन्होंने ईरान के पड़ोसी देशों से भी अपील की है कि वे सही पक्ष का साथ दें।




