ईरान में सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद सत्ता के उत्तराधिकार को लेकर चर्चा का दौर जारी है। आधिकारिक तौर पर अभी किसी नए नाम की घोषणा नहीं की गई है लेकिन मीडिया रिपोर्ट्स में उनके बेटे मुज्तबा खामेनेई का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। ईरान के संविधान के तहत अब 88 सदस्यीय परिषद नए नेता का चुनाव करेगी और तब तक अंतरिम परिषद शासन का कामकाज देखेगी।

ईरान में नए सुप्रीम लीडर का चुनाव कैसे होता है?

ईरान के नियमों के अनुसार सुप्रीम लीडर का पद खाली होने पर एक संवैधानिक प्रक्रिया का पालन किया जाता है। इसकी मुख्य जिम्मेदारी असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स के पास होती है जिसमें 88 धार्मिक विद्वान शामिल होते हैं। यह परिषद देश के भविष्य के नेता का चुनाव करती है। जब तक नया नेता नहीं चुना जाता तब तक एक अंतरिम काउंसिल देश की व्यवस्था संभालती है। इस पूरी प्रक्रिया में धार्मिक और राजनीतिक अनुभव को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाता है।

उत्तराधिकारी के रूप में किन नामों की हो रही है चर्चा?

वर्तमान स्थिति को देखते हुए कई बड़े नामों पर कयास लगाए जा रहे हैं। हालांकि अभी तक सरकार की ओर से किसी भी नाम पर मुहर नहीं लगी है। उत्तराधिकार की दौड़ में प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

  • Mojtaba Khamenei: 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई वर्तमान नेता के बेटे हैं और उनका जुड़ाव IRGC के साथ काफी मजबूत माना जाता है।
  • Hassan Khomeini: इन्हें भी एक संभावित चेहरे के रूप में देखा जा रहा है।
  • Assembly of Experts: यह 88 सदस्यीय संस्था ही अंतिम निर्णय लेने का अधिकार रखती है।

खाड़ी देशों में रहने वाले भारतीयों के लिए यह खबर महत्वपूर्ण है क्योंकि ईरान की स्थिरता का सीधा असर तेल की कीमतों और क्षेत्र की सुरक्षा पर पड़ता है। दुबई और सऊदी अरब जैसे देशों में काम कर रहे प्रवासियों के लिए वहां के राजनीतिक हालात व्यापार और यात्रा नियमों को भी प्रभावित कर सकते हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.