ईरान के नए सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei ने अमेरिका को लेकर बेहद सख्त बयान दिया है. उन्होंने कहा कि आने वाले समय में फारस की खाड़ी क्षेत्र से अमेरिका पूरी तरह बाहर होगा. यह बयान उस वक्त आया है जब ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच युद्ध की स्थिति बनी हुई है और एक कमजोर युद्धविराम लागू है.
परमाणु और मिसाइल ताकत को लेकर क्या कहा?
Mojtaba Khamenei ने साफ किया कि ईरान अपनी परमाणु और मिसाइल क्षमताओं की रक्षा वैसे ही करेगा जैसे वह अपनी राष्ट्रीय सीमाओं की करता है. उन्होंने राज्य टेलीविजन के जरिए भेजे गए संदेश में बताया कि देश के 9 करोड़ लोग इन क्षमताओं को अपनी राष्ट्रीय संपत्ति मानते हैं. उनके मुताबिक नैनोटेक्नोलॉजी, बायोटेक्नोलॉजी से लेकर परमाणु और मिसाइल ताकत तक सब कुछ देश की सुरक्षा के लिए जरूरी है और इसकी रक्षा की जाएगी.
अमेरिकी नाकाबंदी और हमलों की चेतावनी
ईरान के राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की कड़ी निंदा की है. उन्होंने इसे अंतरराष्ट्रीय कानून के खिलाफ बताया और कहा कि यह कोशिश नाकाम होगी. इस बीच, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के वरिष्ठ अधिकारी Majid Mousavi ने चेतावनी दी कि अगर अमेरिका ने ईरान पर हमला किया तो उसे बहुत दर्दनाक और लंबे हमलों का सामना करना पड़ेगा.
क्षेत्र में तनाव और वर्तमान स्थिति
- युद्ध की शुरुआत: ईरान, अमेरिका और इसराइल के बीच यह युद्ध 28 फरवरी 2026 को शुरू हुआ था.
- तेल उद्योग पर असर: अमेरिका ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी की है जिससे ईरान के तेल कारोबार पर असर पड़ा है.
- शांति की कोशिश: अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump इस समय एक व्यापक समझौते के जरिए युद्धविराम को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं.
- हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य: ईरान ने संकेत दिया है कि वह इस महत्वपूर्ण समुद्री रास्ते के प्रबंधन में बदलाव लाएगा.
Frequently Asked Questions (FAQs)
Mojtaba Khamenei ने अमेरिका के बारे में क्या बयान दिया?
उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी का उज्ज्वल भविष्य अमेरिका के बिना होगा और अमेरिकी लोग इस खाड़ी के पानी की गहराई में रहने के लायक हैं.
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव का मुख्य कारण क्या है?
28 फरवरी 2026 से शुरू हुए युद्ध, अमेरिकी नौसेना द्वारा ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी और परमाणु क्षमताओं को लेकर विवाद मुख्य कारण हैं.