ईरान में सत्ता की कमान अब पूरी तरह से सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei के हाथों में है. ईरान के विदेश मंत्रालय ने साफ़ कर दिया है कि देश के हर बड़े फैसले में उनकी मंज़ूरी ज़रूरी होगी. राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी हाल ही में उनसे मुलाकात की है ताकि दुनिया को ईरान के एकजुट नेतृत्व का संदेश दिया जा सके.

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सुप्रीम लीडर का कंट्रोल और राष्ट्रपति की मुलाकात के मुख्य बिंदु

ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता ने 7 मई 2026 को यह जानकारी दी कि सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei का सभी प्रमुख मुद्दों और घटनाक्रमों पर पूरा नियंत्रण है. उनके बिना कोई भी बड़ा फैसला नहीं लिया जाएगा. इसी दिन राष्ट्रपति Masoud Pezeshkian ने भी सुप्रीम लीडर से मुलाकात की. राष्ट्रपति ने इस मुलाकात को बहुत ही विनम्र और सौहार्दपूर्ण बताया और कहा कि Khamenei का व्यवहार ईरान की शासन व्यवस्था के लिए एक मॉडल होना चाहिए. यह मुलाकात इसलिए भी अहम है क्योंकि Mojtaba Khamenei फरवरी में अमेरिका और इसराइल के साथ संघर्ष के दौरान गंभीर रूप से घायल हो गए थे और तब से वे सार्वजनिक रूप से कम ही नज़र आए थे.

शांति वार्ता और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज की ताज़ा स्थिति

अमेरिका और ईरान के बीच फरवरी 2026 से शुरू हुए युद्ध को खत्म करने के लिए पाकिस्तान मध्यस्थता कर रहा है. ईरान अमेरिका के शांति प्रस्ताव की समीक्षा कर रहा है, लेकिन अंतिम फैसला सुप्रीम लीडर की सलाह के बाद ही लिया जाएगा. इस बीच कुछ अन्य महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं:

  • प्रोजेक्ट फ्रीडम: अमेरिका ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने के लिए शुरू किए गए ‘प्रोजेक्ट फ्रीडम’ को फिलहाल रोक दिया है.
  • सऊदी अरब का रुख: बताया जा रहा है कि सऊदी अरब ने अमेरिकी सेना को अपने बेस और हवाई क्षेत्र का इस्तेमाल करने से मना कर दिया, जिसके बाद यह ऑपरेशन रुका.
  • Nournews का बयान: सुरक्षा परिषद से जुड़े न्यूज़ आउटलेट Nournews ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर चल रही चर्चाओं पर टिप्पणी करते हुए इसे निरर्थक बताया.

Frequently Asked Questions (FAQs)

सुप्रीम लीडर Mojtaba Khamenei कौन हैं?

वे ईरान के नए सुप्रीम लीडर हैं जिन्होंने 2026 में अपने पिता के निधन के बाद यह ज़िम्मेदारी संभाली. वे फरवरी 2026 में अमेरिका-इसराइल संघर्ष के दौरान गंभीर रूप से घायल हुए थे.

अमेरिका और ईरान के बीच शांति वार्ता में पाकिस्तान की क्या भूमिका है?

पाकिस्तान इस समय अमेरिका और ईरान के बीच एक मध्यस्थ (mediator) के रूप में काम कर रहा है ताकि दोनों देशों के बीच चल रहे युद्ध को समाप्त किया जा सके.