ईरान की लीडरशिप काउंसिल ने बुधवार को स्टेट मीडिया को जानकारी दी है कि दिवंगत अयातुल्ला खामेनेई के उत्तराधिकारी की नियुक्ति जल्द से जल्द की जाएगी। 4 मार्च को जारी बयान में कहा गया है कि देश के लिए नए सर्वोच्च नेता का चुनाव करने की प्रक्रिया तेजी से चल रही है। फिलहाल देश का कामकाज एक अंतरिम काउंसिल देख रही है, जो यह सुनिश्चित कर रही है कि प्रशासन सुचारू रूप से चलता रहे।

कौन चुन रहा है नया लीडर?

ईरान में सुप्रीम लीडर चुनने की जिम्मेदारी ‘असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स’ (Assembly of Experts) की होती है, जिसमें 88 मौलवी शामिल होते हैं। असेंबली के सदस्य अयातुल्ला अहमद खातमी ने सरकारी टीवी पर बताया कि वे एक निष्कर्ष के काफी करीब पहुंच चुके हैं। उन्होंने कहा कि देश में युद्ध जैसे हालात होने के बावजूद लीडरशिप के मोर्चे पर कोई समस्या नहीं है और सब कुछ नियमों के मुताबिक हो रहा है।

अभी किसके हाथ में है देश की कमान?

संविधान के मुताबिक, जब तक नया नेता नहीं चुना जाता, तब तक तीन सदस्यों की एक अस्थाई काउंसिल देश की जिम्मेदारी संभाल रही है। इस काउंसिल में निम्नलिखित सदस्य शामिल हैं:

  • मसूद पेज़ेशकियान: ईरान के राष्ट्रपति
  • गुलाम-हुसैन मोहसेनी-एजेई: न्यायपालिका के प्रमुख
  • अलीरेज़ा अराफी: गार्जियन काउंसिल के वरिष्ठ मौलवी

मुंबई में स्थित ईरानी वाणिज्य दूतावास ने उन खबरों का साफ खंडन किया है जिनमें दावा किया गया था कि मोजतबा खामेनेई को पहले ही नियुक्त कर दिया गया है। अधिकारियों ने कहा कि ऐसी खबरों का कोई आधिकारिक आधार नहीं है।

नियम और सुरक्षा के इंतजाम

ईरान के संविधान के अनुच्छेद 111 के तहत, नए लीडर को चुनने के लिए असेंबली के सदस्यों के दो-तिहाई बहुमत की जरूरत होती है। उम्मीदवार के पास गहरी धार्मिक समझ और मजबूत प्रबंधन क्षमता होनी चाहिए। इस संवेदनशील समय में प्रमुख शहरों में सुरक्षा बनाए रखने के लिए इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) पूरी तरह से तैनात है। तेहरान में इमाम खुमैनी प्रार्थना हॉल में बुधवार रात से आधिकारिक विदाई समारोह भी शुरू हो गए हैं।

Praggya Singh sabal

Journalist from Noida. Covering Delhi, NCR and National Updates.